₹1 लाख महीना और 2 साल का रिसर्च सपोर्ट… पत्रकारों, लेखकों और रिसर्चर्स के लिए जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप का मौका
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की फेलोशिप में पत्रकारों, लेखकों, शोधकर्ताओं, कलाकारों और अन्य प्रतिभाशाली भारतीय नागरिकों को दो साल तक हर महीने ₹1 लाख का स्टाइपेंड दिया जाता है। इसके अलावा यात्रा और अन्य स्वीकृत खर्चों के लिए सालाना अधिकतम ₹75 हजार की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।

रिसर्च करना चाहते हैं, किसी सामाजिक समस्या पर गहराई से काम करना चाहते हैं या अपने क्षेत्र में कोई नया विचार सामने लाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी रास्ता रोक रही है? ऐसे लोगों के लिए जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की फेलोशिप एक महत्वपूर्ण अवसर है।
इस फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को दो साल तक हर महीने 1 लाख रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा यात्रा, सचिवीय सहायता और अन्य जरूरी खर्चों के लिए सालाना अधिकतम 75 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी मिलती है। खास बात यह है कि इस योजना का दायरा केवल पारंपरिक अकादमिक रिसर्च तक सीमित नहीं है। पत्रकार, लेखक, कलाकार और सिविल सर्विस से जुड़े लोग भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या है जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप?
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप का संचालन जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड (JNMF) करता है। इसका उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को आर्थिक सहायता और समय उपलब्ध कराना है, जो अपने क्षेत्र में मौलिक काम करना चाहते हैं।
इस फेलोशिप के अंतर्गत विज्ञान और मानविकी के विद्वानों के साथ लेखकों, पत्रकारों, कलाकारों और सिविल सेवकों को भी अवसर दिया जाता है। उम्मीदवार भारत से जुड़े समकालीन मुद्दों, सामाजिक समस्याओं, वैज्ञानिक विषयों और रचनात्मक परियोजनाओं पर काम करने के लिए अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं।
फेलोशिप की अवधि दो साल है। चयनित उम्मीदवार को इस दौरान हर महीने 1 लाख रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है।
दो साल में मिलेंगे 24 लाख रुपये
इस योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसकी आर्थिक सहायता है। चयनित उम्मीदवार को 24 महीने तक हर महीने 1 लाख रुपये मिलेंगे। यानी दो साल में कुल 24 लाख रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा।
इसके अलावा फंड की ओर से सचिवीय सहायता, यात्रा और अन्य जरूरी खर्चों की वास्तविक राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है। इसकी अधिकतम सीमा 75 हजार रुपये सालाना है।
इस तरह अतिरिक्त सहायता की सीमा दो साल में 1.50 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि यह निश्चित अतिरिक्त भुगतान नहीं है, बल्कि पात्र खर्चों के आधार पर दिया जाता है।
फंड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, फेलोशिप का मासिक स्टाइपेंड आयकर अधिनियम की धारा 10(17A) के तहत आयकर से मुक्त है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस फेलोशिप के लिए केवल भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। इसमें किसी एक विशेष शैक्षणिक डिग्री या विषय तक पात्रता सीमित नहीं रखी गई है।
आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने का प्रमाण होना चाहिए। साथ ही उसके पास कोई मौलिक विचार, रचनात्मक परियोजना या ऐसा रिसर्च प्रस्ताव होना चाहिए, जिस पर वह गंभीरता से काम करना चाहता हो।
इन क्षेत्रों से जुड़े लोग आवेदन कर सकते हैं:
विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाले शोधकर्ता।
मानविकी और सामाजिक विषयों के विद्वान।
पत्रकार और लेखक।
कलाकार और रचनात्मक क्षेत्र के पेशेवर।
सिविल सेवक और अन्य योग्य पेशेवर।
इस फेलोशिप में उम्र की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। उम्मीदवार अपने प्रोजेक्ट पर भारत में अपनी पसंद के किसी भी स्थान से काम कर सकते हैं।
कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?
फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों का चयन एक विशेषज्ञ समिति करती है। इस समिति में अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित और अनुभवी लोग शामिल होते हैं।
चयन के दौरान उम्मीदवार की पिछली उपलब्धियों, अपने क्षेत्र में किए गए काम और प्रस्तावित परियोजना की मौलिकता को महत्व दिया जाता है।
फंड का उद्देश्य ऐसे लोगों को अवसर देना है, जिनमें अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने की क्षमता हो और जो नए विचारों को वास्तविक काम में बदल सकें।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस फेलोशिप के लिए कोई निर्धारित प्रिंटेड आवेदन फॉर्म नहीं है। उम्मीदवार सादे कागज पर अपनी जानकारी तैयार करके आवेदन भेज सकते हैं।
आवेदन के साथ निम्न जानकारियां देना जरूरी है:
बायोडाटा: व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी के साथ अपने मौलिक कार्यों का विवरण।
कार्य अनुभव: अपने विशेषज्ञता वाले क्षेत्र में किए गए काम और अनुभव की जानकारी।
प्रोजेक्ट का प्रस्ताव: जिस विषय पर रिसर्च या रचनात्मक काम करना चाहते हैं, उसका अधिकतम 1,000 शब्दों में टाइप किया हुआ सारांश। इसे डबल स्पेसिंग में तैयार करना होगा।
फोटोग्राफ: हाल ही का पासपोर्ट साइज फोटो।
केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत उम्मीदवारों को अपना आवेदन उचित आधिकारिक माध्यम से भेजना होगा।
आवेदन इस पते पर भेजना है:
सचिव,
Jawaharlal Nehru Memorial Fund,
Teen Murti House,
New Delhi – 110001.
आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
इस फेलोशिप की एक निश्चित अंतिम आवेदन तिथि निर्धारित नहीं है। जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की आधिकारिक वेबसाइट इसे लगातार चलने वाली योजना बताती है। इसलिए इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन भेज सकते हैं।
आवेदन से पहले फंड की आधिकारिक वेबसाइट पर दिशा-निर्देश जरूर देख लें।
आधिकारिक वेबसाइट: https://www.jnmf.in/
आवेदन संबंधी जानकारी: https://jnmf.in/fapply.html
1968 में दी गई थी पहली फेलोशिप
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप की शुरुआत वर्ष 1968 में हुई थी। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली लोगों को आर्थिक और बौद्धिक स्वतंत्रता देकर उन्हें अपने क्षेत्र में कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
फंड की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब तक इस योजना के तहत कुल 155 फेलोशिप दी जा चुकी हैं। हर साल एक जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप देने का प्रावधान है।
इस योजना के जरिए उन लोगों को अवसर मिलता है, जो किसी महत्वपूर्ण विषय पर स्वतंत्र रूप से काम करना चाहते हैं और जिनके पास समाज तथा देश के लिए उपयोगी योगदान देने की क्षमता है।
ध्यान दें: जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप और जवाहरलाल नेहरू डॉक्टोरल स्कॉलरशिप अलग-अलग योजनाएं हैं। ₹1 लाख मासिक सहायता वाली फेलोशिप को सामान्य छात्रवृत्ति या सभी PhD विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध स्कीम समझना सही नहीं होगा।



