इंदौर: 1 करोड़ के लेनदेन वाले म्यूल अकाउंट गिरोह पर शिकंजा, आरोपियों की संपत्ति अटैच कराएगी पुलिस
इंदौर के विजय नगर में 6 म्यूल बैंक खातों से 1 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। धोखाधड़ी से अर्जित आरोपियों की संपत्ति अटैच कराने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

Audio tools for this article
इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र में म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।मामले के मुख्य संदिग्ध दिलीप पांडे और शुभम शर्मा से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छह म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर 1 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया है।
पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों के अन्य बैंक खातों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है, जिसके लिए संबंधित बैंकों को पत्राचार किया गया है। इसके साथ ही अपराध और धोखाधड़ी के जरिए अर्जित की गई आरोपियों की संपत्ति को अटैच (राजसात) कराने की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
मामले की मुख्य जानकारी
विजय नगर थाना प्रभारी सी.के. पटेल के अनुसार, पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत/गिरफ्तारी में लिया है। गिरफ्तार व नामजद आरोपियों में दिलीप पांडे, शुभम शर्मा, अहमद राजा, भूषण कुशवाह, नरेश यादव, विजेंद्रसिंह, अमित मणि, रमणदीपसिंह भाटिया, नरेंद्र पाटीदार, अमित चौरसिया और योगेश पटेल शामिल हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें सभी आरोपियों से खातों के संचालन और अवैध वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ कर रही हैं।
क्यों अहम है यह मामला?
म्यूल बैंक खाते वे खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठग या वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह अवैध रकम को इधर-उधर स्थानांतरित करने के लिए किराए या कमीशन पर करते हैं। विजय नगर क्षेत्र स्थित एक व्यावसायिक परिसर में संचालित द रैपिड इन्वेस्टर्स कंपनी के दफ्तर पर कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई पासबुक, चेकबुक, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए थे। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि फर्जी निवेश या कॉलिंग के जरिए जुटाई गई रकम को इन म्यूल खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
आगे क्या?
पुलिस प्रशासन अब वित्तीय कड़ियों को जोड़ते हुए फर्जीवाड़े की पूरी नेटवर्क श्रृंखला को ध्वस्त करने में जुटा है। पुलिस का मुख्य ध्यान अवैध कमाई से बनाई गई अचल व चल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क कराने पर है, ताकि पीड़ितों के नुकसान की भरपाई की राह सुगम हो सके। इसके अलावा अन्य संभावित खातों और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी जारी है।
मामले में पुलिस वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करेगी।फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।



