
पानी के मुद्दे पर जीतू पटवारी पर भड़के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कहा- जनता को भड़काने के बजाय रखें पूरी जानकारी
इंदौर में पानी की समस्या और विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव आमने-सामने आ गए हैं। महापौर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं को नर्मदा परियोजना और पानी की व्यवस्था की पूरी जानकारी रखने की सलाह दी है।

Audio tools for this article
इंदौर में पानी के संकट और विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन को लेकर सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर से उठाए गए सवालों और आरोपों पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीखा पलटवार किया है। महापौर ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को बयानबाजी से पहले जमीनी हकीकत और जल प्रदाय व्यवस्था की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जीतू पटवारी एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, इसलिए उन्हें इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था और नर्मदा प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीकी पहलुओं का पूरा ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में नर्मदा नदी से पानी कैसे पहुंचता है, इसके विभिन्न चरण कौन-से हैं और पूर्ववर्ती सरकारों में क्या स्थिति रही है, इन तमाम विषयों की स्पष्ट जानकारी से ही सार्थक चर्चा हो सकती है।
मामले की मुख्य जानकारी
नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का हवाला देते हुए महापौर ने कहा कि शहर की जनता को भ्रमित करने या भड़काने के बजाय जल संकट के स्थायी समाधान पर काम करना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर केवल बयानबाजी करने के स्थान पर व्यवस्थाओं को समझना चाहिए।
विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर ने कहा कि कांग्रेस नेता जिस भी काम या क्षेत्र का सत्यापन करवाना चाहते हैं, वे उसकी शुरुआत अपने पार्षदों वाले वार्डों से करें। उन्होंने खुली चुनौती दी कि कांग्रेस शासित या उनके पार्षदों के प्रतिनिधि वाले वार्डों में विकास कार्यों और पानी के वितरण की जमीनी सच्चाई का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
क्यों अहम है यह मामला?
शहर में जलापूर्ति और नागरिक सुविधाओं के मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच आए दिन टकराव देखने को मिलता है। गर्मियों या मांग के समय पानी का मुद्दा इंदौर की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील और बड़ा केंद्र रहा है। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सीधे हस्तक्षेप के बाद महापौर का यह कड़ा पलटवार स्थानीय राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में नगर निगम के कामकाज पर बहस और तेज होने के आसार हैं।
आगे क्या?
प्रशासनिक स्तर पर नर्मदा जल प्रदाय और शहर के अन्य विकास कार्यों की मॉनिटरिंग लगातार जारी है। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच चल रही इस बयानबाजी के बाद अब देखना यह होगा कि कांग्रेस पार्टी महापौर की चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वे अपने वार्डों में सत्यापन की मांग को आगे बढ़ाते हैं या नहीं।


