स्कूल जाने निकली नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया, उज्जैन में की दरिंदगी; इंदौर कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
इंदौर के डॉ. अंबेडकर नगर कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी गोकुल को दोषी ठहराते हुए दो धाराओं में 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 12 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

Audio tools for this article
इंदौर में नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। डॉ. अंबेडकर नगर स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी गोकुल को दोषी मानते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
आरोपी पर दो अलग-अलग धाराओं में 20-20 साल की सजा और कुल 12 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। मामला बड़गोंदा थाना क्षेत्र का है।
स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी छात्रा
मामला अक्टूबर 2025 का है। पीड़िता के पिता ने 4 अक्टूबर को बड़गोंदा थाने में बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
परिजनों के मुताबिक, 3 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे छात्रा स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन शाम तक वह वापस नहीं लौटी। परिवार ने स्कूल जाकर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उस दिन स्कूल बंद था।
काफी तलाश के बाद भी बेटी का पता नहीं चला तो पिता ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।
करीब ढाई महीने बाद मिली छात्रा
पुलिस की जांच के दौरान 17 दिसंबर 2025 को नाबालिग को दस्तयाब किया गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि आरोपी गोकुल उसे बहला-फुसलाकर उज्जैन ले गया था।
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच, घटनास्थल का निरीक्षण और गवाहों के बयान समेत जरूरी साक्ष्य जुटाए।
इसके बाद जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया गया।
शादी का झांसा देने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार गलत काम किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की।
अदालत में अभियोजन की ओर से 8 गवाह पेश किए गए। उनके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने का प्रयास किया।
कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
मामले की सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, डॉ. अंबेडकर नगर कोर्ट ने आरोपी गोकुल को दोषी माना।
कोर्ट ने दो अलग-अलग धाराओं में 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 12 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ज्योति अजमेरा ने पैरवी की। उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 को विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2026 में अदालत ने यह फैसला सुनाया।
