गेट पर रोका तो भड़का युवक, पहले थप्पड़ फिर कार से हमला… दो बार कुचलने से चौकीदार की मौत
इंदौर के लसूड़िया इलाके में टाउनशिप में कार लेकर जबरन घुसने से रोकने पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक चौकीदार की जान चली गई। आरोप है कि पहले आरोपी ने चौकीदार को थप्पड़ मारा, फिर कार से उसे और उसके रिश्तेदार को कुचल दिया। इसके बाद दोबारा कार लेकर लौटकर चौकीदार को फिर कुचलने का आरोप है।

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इंदौर के लसूड़िया इलाके में बुधवार रात एक मामूली विवाद बेहद खौफनाक घटना में बदल गया। टाउनशिप में कार लेकर अंदर जाने से रोकने पर एक युवक ने वहां तैनात चौकीदार से विवाद किया। आरोप है कि पहले उसने चौकीदार को थप्पड़ मारा और फिर कार से उसे और उसके रिश्तेदार को कुचल दिया।
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि कार सवार कुछ देर बाद दोबारा मौके पर आया और चौकीदार के ऊपर फिर कार चढ़ा दी। गंभीर हालत में चौकीदार को एमवाय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है।
गेट पर शुरू हुआ विवाद, बात थप्पड़ तक पहुंची
घटना द एक्जोटिका टाउनशिप के गेट के पास रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक अरडिया गांव निवासी राजा उर्फ कमल कुमावत अपने दोस्तों के साथ कार से टाउनशिप में प्रवेश करना चाहता था। गेट पर ड्यूटी कर रहे चौकीदार धर्मेंद्र पुत्र रामचंद मालवीय ने उसे रोक दिया।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। उस समय धर्मेंद्र का रिश्तेदार गोविंद भी वहां मौजूद था।
पहले थप्पड़, फिर मालिक से फोन पर बात
धर्मेंद्र के चाचा मनोहर के मुताबिक, विवाद के दौरान राजा ने धर्मेंद्र को थप्पड़ मार दिया।
मामला बढ़ता देख टाउनशिप के मालिक से मोबाइल फोन पर आरोपी की बात कराई गई। बताया गया कि मालिक ने उसे कार लेकर वहां से चले जाने के लिए कहा।
इसके बाद राजा कार लेकर वहां से चला गया।
लेकिन कुछ देर बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।
कार लेकर लौटा और दोनों को टक्कर मारी
आरोप है कि राजा कुछ देर बाद कार लेकर फिर टाउनशिप के गेट पर पहुंचा। इस दौरान उसने धर्मेंद्र और गोविंद को कार से टक्कर मार दी।
टक्कर में गोविंद के पैर में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया।
इसके बाद आरोपी ने कार को वापस मोड़ा। आरोप है कि उसने दूसरी बार धर्मेंद्र को कार से कुचल दिया और मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले हालत बिगड़ी
धर्मेंद्र को गंभीर हालत में परिजन एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
धर्मेंद्र करीब एक साल से द एक्जोटिका टाउनशिप में चौकीदार के तौर पर काम कर रहा था। वह मूल रूप से देवास का रहने वाला था।
उसके परिवार में पत्नी, दो बच्चे और मां हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
आरोपी के घर पहुंची पुलिस, नहीं मिला
घटना की जानकारी मिलने के बाद लसूड़िया पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम उसके घर भी पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला।
अब पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे।
परिजन बोले- हत्या का केस दर्ज हो
धर्मेंद्र के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने टाउनशिप और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं कि आखिर गेट पर मामूली कहासुनी के बाद मामला इतना गंभीर कैसे हो गया।
