LIVE
ताज़ा समाचार लोड हो रहे हैं...
Lokswami Emblem
Lokswami
होम
‘मां को हार्ट अटैक आया है… जल्दी पैसे भेजो’, दोस्त बनकर आया कॉल, डॉक्टर की आवाज ने फंसाया; इंदौर में डेढ़ लाख की साइबर ठगी
इंदौर में दोस्त और डॉक्टर बनकर एक व्यक्ति से करीब 1.5 लाख रुपए की साइबर ठगी।lokswami Graphics
Indore
ई-पेपर

‘मां को हार्ट अटैक आया है… जल्दी पैसे भेजो’, दोस्त बनकर आया कॉल, डॉक्टर की आवाज ने फंसाया; इंदौर में डेढ़ लाख की साइबर ठगी

Digital News Desk3 min read26/08/26

इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में बिल्डर मटेरियल सप्लायर से करीब 1.5 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने पहले दोस्त बनकर उसकी मां को हार्ट अटैक आने की बात कही, फिर डॉक्टर बनकर इलाज के नाम पर अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर करा लिए। असली दोस्त से बात होने पर ठगी का खुलासा हुआ।

Lokswami AI

इंदौर में साइबर ठग अब रिश्तों और भावनाओं का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। परदेशीपुरा इलाके में एक बिल्डर मटेरियल सप्लायर इसी तरह की ठगी का शिकार हो गया। फोन करने वाले ने पहले खुद को उसका दोस्त बताया और कहा कि उसकी मां को अचानक हार्ट अटैक आया है। इसके बाद कहानी को भरोसेमंद बनाने के लिए एक दूसरे व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताकर इलाज के लिए तत्काल रुपए मांगे।

मां की तबीयत को लेकर घबराए संजय ने बिना ज्यादा पड़ताल किए अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 1.5 लाख रुपए भेज दिए। बाद में जब उसने अपने दोस्त के असली नंबर पर फोन किया तो पता चला कि न तो दोस्त अस्पताल में था और न ही उसकी मां को हार्ट अटैक आया था।

इसके बाद संजय को समझ आया कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुका है।

एक फोन कॉल ने शुरू की पूरी ठगी

संजय ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त की शाम करीब 6 बजे उसके मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उसका दोस्त धर्मेंद्र जाट बताया।

आरोपी ने कहा कि वह CHL अपोलो अस्पताल में मौजूद है और उसकी मां को हार्ट अटैक आया है। बातचीत के दौरान ठगों ने एक अन्य व्यक्ति से भी बात कराई और उसे धर्मेंद्र का बेटा बताया।

अचानक आई ऐसी खबर से संजय घबरा गया। उसने आवाज पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और सामने वाले की बात को सच मान लिया।

फिर फोन आया ‘डॉक्टर’ का

कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर से कॉल आया। इस बार सामने वाले ने खुद को डॉक्टर उमंग सिंह बताया।

उसने संजय को बताया कि मरीज के इलाज के लिए तत्काल करीब डेढ़ लाख रुपए की जरूरत है। इसके बाद एक मोबाइल नंबर दिया गया और उसी पर रुपए भेजने के लिए कहा गया।

संजय ने जब बताया कि उसके पास एक साथ डेढ़ लाख रुपए नहीं हैं तो ठग ने कहा कि जितने रुपए अभी उपलब्ध हैं, उतने भेज दें। यहीं से रकम ट्रांसफर करने का सिलसिला शुरू हो गया।

पहले 15 हजार भेजे, फिर बढ़ती गई रकम

संजय ने शुरुआत में करीब 15 हजार रुपए फोन-पे के जरिए भेजे। इसके बाद ठग लगातार फोन करते रहे और अस्पताल में इमरजेंसी का हवाला देकर और रुपए मांगते रहे।

संजय ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 96 हजार रुपए और इसके बाद करीब 40 हजार रुपए और ट्रांसफर कर दिए।

यानी कुछ ही समय में वह करीब 1.5 लाख रुपए गंवा बैठा।

असली दोस्त को फोन किया तो खुला राज

लगातार रुपए भेजने के बाद संजय को शक हुआ। उसने अपने दोस्त धर्मेंद्र के वास्तविक मोबाइल नंबर पर फोन लगाया।

फोन उठाने पर धर्मेंद्र ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर दिया। उसने बताया कि वह अस्पताल में नहीं, बल्कि घर पर है और उसकी मां को भी हार्ट अटैक नहीं आया है।

यह सुनते ही संजय के होश उड़ गए। उसे समझ आ गया कि फोन करने वाले लोगों ने दोस्त और डॉक्टर बनकर उसके साथ ठगी की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

ठगी का पता चलते ही संजय ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। इसके बाद उसने परदेशीपुरा थाने में भी शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। अब जांच टीम उन मोबाइल नंबरों, जिन खातों में रकम भेजी गई और ट्रांजेक्शन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और क्या आरोपियों ने इसी तरीके से दूसरे लोगों को भी निशाना बनाया है।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि किसी करीबी के अस्पताल में भर्ती होने या अचानक इलाज के लिए पैसे मांगने वाले फोन पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पहले संबंधित व्यक्ति से उसके पुराने नंबर पर बात करना बेहद जरूरी है।

संबंधित खबरें

इंदौर की सड़क में अचानक खुला 20 फीट का गड्ढा! 9 दिन में दूसरी बार धंसी जमीन
Indore

इंदौर की सड़क में अचानक खुला 20 फीट का गड्ढा! 9 दिन में दूसरी बार धंसी जमीन

इंदौर के गाड़ी अड्डा स्थित वाल्मीकि बस्ती में बुधवार को सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया और करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही वाले इस रास्ते पर हादसा टल गया। निगम को सड़क के नीचे गुजर रही ड्रेनेज लाइन से मिट्टी खिसकने की आशंका है।

पूरा खबर
गेट पर रोका तो भड़का युवक, पहले थप्पड़ फिर कार से हमला… दो बार कुचलने से चौकीदार की मौत
Indore

गेट पर रोका तो भड़का युवक, पहले थप्पड़ फिर कार से हमला… दो बार कुचलने से चौकीदार की मौत

इंदौर के लसूड़िया इलाके में टाउनशिप में कार लेकर जबरन घुसने से रोकने पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक चौकीदार की जान चली गई। आरोप है कि पहले आरोपी ने चौकीदार को थप्पड़ मारा, फिर कार से उसे और उसके रिश्तेदार को कुचल दिया। इसके बाद दोबारा कार लेकर लौटकर चौकीदार को फिर कुचलने का आरोप है।

पूरा खबर
स्कूल जाने निकली नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया, उज्जैन में की दरिंदगी; इंदौर कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
Indore

स्कूल जाने निकली नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया, उज्जैन में की दरिंदगी; इंदौर कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

इंदौर के डॉ. अंबेडकर नगर कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी गोकुल को दोषी ठहराते हुए दो धाराओं में 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 12 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

पूरा खबर
बीमारी से परेशान बैंक अफसर की पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, 12वीं मंजिल के फ्लैट में मिली मौत; सुसाइड नोट में बताई वजह
Indore

बीमारी से परेशान बैंक अफसर की पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, 12वीं मंजिल के फ्लैट में मिली मौत; सुसाइड नोट में बताई वजह

इंदौर के एमजी रोड इलाके में 45 वर्षीय महिला ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें महिला ने लंबे समय से चल रही शारीरिक परेशानी और उससे हुए डिप्रेशन का जिक्र किया है। इसी रात लसूड़िया इलाके में भी एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला।

पूरा खबर