उज्जैन: नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट अफवाह से भगदड़ जैसे हालात, कई घायल; प्रशासन का खंडन
महाकाल मंदिर परिसर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए हरसिद्धि चौराहे के पास लगी कतार में सोमवार को करंट फैलने की अफवाह उड़ी, जिसके बाद मची अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु घायल हुए। हालांकि मंदिर प्रशासन ने भगदड़ की खबर का खंडन करते हुए इसे भीड़ के दबाव से तबीयत बिगड़ने की घटना बताया है।

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उज्जैन में दर्शन की कतार में मची अफरा-तफरी
उज्जैन में सोमवार को महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी लंबी कतार में हड़कंप मच गया। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग के भीतर लगे डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) के आसपास करंट फैलने की अफवाह उड़ते ही श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
दर्शन के लिए घंटों से कतार में खड़े लोग अफवाह सुनते ही एक-दूसरे को धकेलते हुए बैरिकेड्स से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इस दौरान कई श्रद्धालु बैरिकेड्स से टकराकर गिर गए और चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और भीड़ को नियंत्रित किया।
घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को तत्काल इलाज के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में 10 श्रद्धालुओं के घायल होने की बात सामने आई। हालांकि विभिन्न सूत्रों और रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा भिन्न-भिन्न है — कुछ रिपोर्ट्स में 3 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात है, तो कुछ में करीब एक दर्जन श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने और उन्हें जिला अस्पताल भेजे जाने का दावा किया गया है। सटीक आंकड़े की पुष्टि प्रशासन के आधिकारिक बयान से होना अभी बाकी है। चरक अस्पताल पहुंचाए गए घायलों की सूची इस प्रकार है:
हिंदू बाई, निवासी ढांचा भवन, उज्जैन
मनीष (सागर पुत्र), उम्र 19 वर्ष, निवासी किशनपुरा, उज्जैन
लक्ष्मीबाई, निवासी ढांचा भवन, उज्जैन
अनसूया व उनकी मां ममता, निवासी गंजबासौदा
हरिश्चंद्र, निवासी ग्राम सिलवासा, वापी, गुजरात
सोनम, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्वालियर
सुजीत कुमार, निवासी दरभंगा, बिहार
खुशी, निवासी ग्वालियर
तुलसी व उनकी मां रेखा बाई, निवासी वलसाड, गुजरात
हरिश्चंद्र के पैर में गंभीर चोट
घायलों में सबसे गंभीर चोट हरिश्चंद्र को आई है। भगदड़ के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के चलते उनके पैरों में गंभीर चोट लगी। चरक अस्पताल में सभी घायलों का उपचार जारी है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
मंदिर प्रशासन का खंडन: "भगदड़ नहीं हुई"
घटना के बाद मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने आधिकारिक तौर पर भगदड़ की खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि कुछ मीडिया चैनलों ने भ्रामक जानकारी चलाई कि महाकाल मंदिर व नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ हुई। मंदिर प्रबंधन समिति के मुताबिक, भारी भीड़ के दबाव के चलते कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक टीम ने तुरंत इलाज के लिए भेजा। प्रशासन इसे भगदड़ नहीं बल्कि भीड़ प्रबंधन से जुड़ी घटना बता रहा है।
सावन के तीसरे सोमवार और साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन एक साथ पड़ने से भीड़ सामान्य से कई गुना ज्यादा रही, जिससे बैरिकेडिंग वाले इलाकों में दबाव बढ़ गया। भीड़ प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया था।
कुछ देर के लिए बाधित रही दर्शन व्यवस्था
घटना के बाद कुछ समय के लिए मंदिर की दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाला और भीड़ को व्यवस्थित किया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दर्शन व्यवस्था अब सुचारू रूप से चल रही है।
