धार: छात्रावास की अव्यवस्था से तंग आकर आधी रात खिड़की से कूदीं 40 छात्राएं, ढाई किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचीं कुक्षी
धार जिले की कुक्षी तहसील स्थित माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास में क्षमता से लगभग तीन गुना छात्राओं के रहने, घटिया भोजन और प्रबंधन की अनदेखी से नाराज करीब 40 छात्राएं रविवार रात खिड़की से कूदकर सड़क पर निकल आईं। प्रशासन ने सोमवार दोपहर तक समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राएं रात करीब 2 बजे छात्रावास लौटीं।

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आधी रात अचानक फूटा आक्रोश
धार/कुक्षी। आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील के निसरपुर पुनर्वास स्थल स्थित माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश रविवार आधी रात को सामने आया। बुनियादी सुविधाओं की कमी और लगातार बनी रहीं समस्याओं से परेशान करीब 40 छात्राएं रात 12 बजे खिड़की से कूदकर कुक्षी के लिए पैदल निकल पड़ीं।
छात्राओं के आधी रात सड़क पर उतरने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलने के बाद कटनेरा पुल के पास सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को रोककर समझाइश दी। इसके बाद वाहनों से उन्हें कुक्षी लाया गया।
50 की क्षमता, ठूंसकर रखीं गईं 140 छात्राएं
कुक्षी पहुंचने पर छात्राओं ने तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, एसडीओपी सुनील गुप्ता और थाना प्रभारी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। छात्राओं का दावा है कि 50 छात्राओं की क्षमता वाले इस छात्रावास में करीब 140 छात्राएं रह रही हैं, जिनमें कन्या शिक्षा परिसर की 50 छात्राएं भी शामिल हैं।
छात्राओं के अनुसार, जगह की भारी कमी के कारण कई बार एक ही बिस्तर पर दो से तीन छात्राओं को सोना पड़ता है। छात्राओं ने कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं को दूसरे छात्रावास में स्थानांतरित करने और वर्तमान प्रबंधन को हटाने की मांग की।
भोजन की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
छात्राओं ने छात्रावास में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उन्हें घटिया भोजन परोसा जाता है और सुबह के नाश्ते में तय मेन्यू का पालन नहीं किया जाता।
छात्राओं का कहना है कि शिक्षा और प्रशासन विभाग के अधिकारी निरीक्षण के नाम पर छात्रावास आते तो हैं, लेकिन बाहर से देखकर ही लौट जाते हैं। छात्राओं के मुताबिक अधिकारी अंदर आकर उनसे समस्याएं नहीं पूछते, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।
प्रशासन ने दिया सोमवार तक समाधान का भरोसा
मामले की जानकारी मिलने पर जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल भी छात्राओं से मिले और उनकी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने सोमवार दोपहर तक समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि संबंधित अधिकारी छात्रावास पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और छात्राओं की शिकायतों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद छात्राएं वाहनों से निसरपुर स्थित छात्रावास वापस लौटीं। रात करीब 2 बजे सभी छात्राएं छात्रावास पहुंचीं।
