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ट्विशा शर्मा मौत केस में अब ट्रायल की बारी, जिस कोर्ट से गिरिबाला को मिली थी अग्रिम जमानत वहीं सुना जाएगा मामला
ट्विशा शर्मा मौत केस में अब ट्रायल की बारी, जिस कोर्ट से गिरिबाला को मिली थी अग्रिम जमानत वहीं सुना जाएगा मामलालोकस्वामी ग्राफिक्स
Madhya Pradesh
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ट्विशा शर्मा मौत केस में अब ट्रायल की बारी, जिस कोर्ट से गिरिबाला को मिली थी अग्रिम जमानत वहीं सुना जाएगा मामला

Digital News Desk2 min read01/09/26

मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अब विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में होगी। खास बात यह है कि इसी अदालत ने पहले गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी, जिसे बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। CBI 17 अगस्त को मामले में चालान पेश कर चुकी है।

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ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े चर्चित मामले में जांच के बाद अब अदालत में ट्रायल की दिशा साफ हो गई है। रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह से जुड़े मामले को उस विशेष अदालत में ट्रांसफर किया गया है, जहां से कभी गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिली थी। बाद में हाईकोर्ट ने उसी राहत को खत्म कर दिया और इसके बाद CBI ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामला विशेष न्यायाधीश (OAW) पल्लवी द्विवेदी की अदालत में ट्रांसफर किया है। अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया इसी अदालत में चलेगी।

जिस अदालत से मिली थी राहत, अब वहीं होगा ट्रायल

इस मामले का सबसे दिलचस्प कानूनी पहलू अदालत को लेकर है। एडवोकेट अंकुर पांडे के मुताबिक, विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत ने ही पहले गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत मंजूर की थी।

हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक कायम नहीं रही। मामला जब जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचा तो हाईकोर्ट ने जिला अदालत के आदेश को रद्द करते हुए गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।

अब केस एक बार फिर उसी अदालत के सामने पहुंच गया है, लेकिन इस बार मामला जमानत का नहीं बल्कि ट्रायल का है।

हाईकोर्ट से जमानत रद्द हुई, फिर CBI ने किया गिरफ्तार

जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गिरिबाला सिंह को CBI ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से वह जेल में हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और 17 अगस्त को मामले में चालान पेश कर दिया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब केस जांच के चरण से आगे बढ़कर ट्रायल की प्रक्रिया में पहुंच गया है।

गिरिबाला सिंह के साथ बेटे समर्थ सिंह पर भी चलेगा मुकदमा

मामले में केवल रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह ही नहीं, बल्कि उनके बेटे समर्थ सिंह भी आरोपी हैं। अब दोनों के खिलाफ अदालत में आगे की कार्रवाई होगी।

ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और बचाव पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत मामले पर सुनवाई करेगी। आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला भी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

अब सबसे पहले आरोप तय करने की प्रक्रिया पर नजर

चार्जशीट पेश होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण आरोप तय करने का है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, चार्जशीट दाखिल होने के बाद निचली अदालतों को प्राथमिकता के आधार पर 60 से 90 दिनों के भीतर आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करना है।

ऐसे में ट्विशा शर्मा मौत मामले में भी अब जल्द आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

जमानत से ट्रायल तक पहुंचा चर्चित मामला

ट्विशा शर्मा मौत केस में अब तक जांच एजेंसी की कार्रवाई, गिरफ्तारी और अग्रिम जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई चर्चा में रही। लेकिन चार्जशीट दाखिल होने और केस विशेष अदालत में ट्रांसफर होने के बाद अब पूरा फोकस ट्रायल पर आ गया है।

दिलचस्प संयोग यह है कि जिस अदालत से गिरिबाला सिंह को कभी गिरफ्तारी से राहत मिली थी, अब उसी अदालत में उनके और उनके बेटे के खिलाफ मामले की न्यायिक सुनवाई आगे बढ़ेगी।

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