सिंगरौली में फायर ब्रिगेड से धुली विधायक की कार? वायरल VIDEO पर बढ़ा विवाद, विधायक ने दिया जवाब
सिंगरौली में भाजपा विधायक रामनिवास शाह की इनोवा कार को नगर निगम के फायर ब्रिगेड वाहन से धोए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। विधायक का कहना है कि घटना के समय वे आवास पर मौजूद नहीं थे और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

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क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भाजपा विधायक रामनिवास शाह से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
वीडियो में नगर निगम के फायर ब्रिगेड वाहन से पाइप के जरिए एक इनोवा कार पर पानी डालते कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इस कार को विधायक रामनिवास शाह की निजी इनोवा बताया गया है।
घटना उनके सरकारी आवास के बाहर की बताई जा रही है।
वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आग और दूसरी आपात स्थितियों के लिए इस्तेमाल होने वाला फायर ब्रिगेड वाहन वहां क्यों पहुंचा और निजी कार की सफाई के लिए उसका इस्तेमाल किसके निर्देश पर किया गया?
विधायक रामनिवास शाह ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि घटना के समय वे अपने आवास पर मौजूद नहीं थे।
उन्होंने बताया कि वे एक सरकारी स्कूल में साइकिल वितरण कार्यक्रम और उसके बाद अन्य कार्यक्रमों में गए थे।
कार के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि उन्होंने अपने ड्राइवर से वाहन जल्दी लाने के लिए कहा था। फायर ब्रिगेड वाहन वहां कैसे पहुंचा और क्या हुआ, इसकी जानकारी ड्राइवर से पूछी जानी चाहिए।
फायर ब्रिगेड वहां क्यों पहुंची थी?
विधायक ने एक दूसरी संभावना भी बताई है।
उनके मुताबिक उन्होंने सुना कि क्षेत्र में पानी की आपूर्ति से जुड़ी समस्या हो सकती थी और नगर निगम का वाहन पानी पहुंचाने के लिए वहां आया हो।
हालांकि फायर ब्रिगेड वाहन को किसने बुलाया और उसे वहां भेजने का आधिकारिक कारण क्या था, इस पर अभी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
नगर निगम कमिश्नर ने क्या कहा?
सिंगरौली नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान ने बातचीत में कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी।
इस बयान के बाद यह सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है कि फायर ब्रिगेड वाहन की लॉगबुक में क्या दर्ज है और उसे विधायक आवास के पास भेजने का निर्देश किस स्तर से दिया गया था।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने वायरल वीडियो को लेकर भाजपा विधायक पर निशाना साधा और सरकारी आपातकालीन संसाधनों के कथित निजी इस्तेमाल पर सवाल उठाए।
हालांकि वीडियो सामने आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि विधायक ने स्वयं फायर ब्रिगेड को कार धोने के लिए बुलाया था।
इसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए वाहन किसके निर्देश पर वहां पहुंचा, यह स्थापित होना जरूरी है।
अब किन सवालों के जवाब जरूरी?
फायर ब्रिगेड की गाड़ी विधायक आवास तक किसके आदेश पर पहुंची?
क्या वाहन की लॉगबुक में इस यात्रा का उद्देश्य दर्ज है?
कार धोने का निर्देश किसने दिया?
क्या फायर ब्रिगेड किसी दूसरे आधिकारिक काम से वहां मौजूद थी?
और सबसे महत्वपूर्ण, क्या नगर निगम इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेगा?
इन सवालों के आधिकारिक जवाब आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला सरकारी संसाधन के दुरुपयोग का है या घटनाक्रम के पीछे कोई दूसरा कारण था।
