मुरैना के छात्रावास में 7वीं की छात्रा की तबीयत बिगड़ी, ग्वालियर रेफर; परिजनों का आरोप- समय पर नहीं दी जानकारी
मुरैना के कैलारस झुंडपुरा छात्रावास में कक्षा 7 की छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन ने उन्हें समय पर सूचना नहीं दी और इलाज में भी देरी हुई। छात्रा को पहले मुरैना अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर किया गया। मामले की जांच की मांग उठी है।

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मुरैना के कैलारस क्षेत्र के झुंडपुरा छात्रावास में पढ़ने वाली कक्षा 7 की एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रा की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें इसकी जानकारी समय पर नहीं दी गई।
छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे पहले मुरैना अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है।
छात्रावास में बिगड़ी छात्रा की तबीयत
जानकारी के मुताबिक, छात्रा झुंडपुरा स्थित छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही है। इसी दौरान उसकी तबीयत खराब हुई और हालत बिगड़ने लगी।
छात्रा की स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल ले जाया गया। बाद में डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए ग्वालियर रेफर करने का फैसला लिया।
परिजनों का आरोप- सूचना देने में हुई देरी
मामले में छात्रा के परिजनों ने सबसे बड़ा सवाल सूचना को लेकर उठाया है।
उनका आरोप है कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद भी उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते उन्हें सूचना मिल जाती तो वे छात्रा के इलाज और आगे की व्यवस्था के लिए खुद मौके पर पहुंच सकते थे।
इलाज में देरी हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुरैना से ग्वालियर किया रेफर
छात्रा को पहले मुरैना अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया।
फिलहाल छात्रा का इलाज ग्वालियर में कराया जा रहा है। उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी सामने आना बाकी है।
अब जांच से साफ होगी जिम्मेदारी
घटना के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर छात्राओं की तबीयत खराब होने की स्थिति में तत्काल इलाज और अभिभावकों को सूचना देने की व्यवस्था की जांच की मांग की जा रही है।
परिजनों का कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है, इसलिए ऐसी स्थिति में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
अब जांच में यह देखा जाएगा कि छात्रा की तबीयत कब बिगड़ी, उसे कितनी देर में चिकित्सा सुविधा मिली और परिजनों को सूचना कब दी गई।
