सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से 22 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, 6 शराब दुकानें सील; सैंपल जांच के लिए भेजे
सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद मौतों का आंकड़ा 22 तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। छह शराब दुकानों को एहतियातन सील कर शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर शराब सेवन करने वालों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।

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सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अब प्रशासन ने शराब की दुकानों और सप्लाई नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गूगराखुर्द, नौराज, पाटन, हिनौती, बमूरा और तिंसी समेत आसपास के गांवों में हुई मौतों के बाद पुलिस, आबकारी और जिला प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं।
प्रशासन ने बंडा क्षेत्र की छह शराब दुकानों को एहतियातन सील कर दिया है। इन दुकानों से शराब के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध शराब कहां से आई और उसकी सप्लाई किन लोगों के जरिए हुई।
छह दुकानों पर कार्रवाई, अब रिपोर्ट का इंतजार
घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने सीधे शराब दुकानों की जांच शुरू की। बंडा क्षेत्र में छह दुकानों को सील कर वहां उपलब्ध शराब के सैंपल लिए गए हैं।
इन सैंपलों की प्रयोगशाला जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि शराब में किसी जहरीले या प्रतिबंधित रसायन की मौजूदगी थी या नहीं। फिलहाल मौतों का कारण संदिग्ध जहरीली शराब बताया जा रहा है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
गांवों में घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
मौतों के साथ स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में स्क्रीनिंग अभियान भी शुरू किया है। नौराज, गूगराखुर्द, डिलौना, पाटन, बमूरा और हिनौती सहित आसपास के गांवों में विशेष स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं।
टीमें घर-घर जाकर उन लोगों की जानकारी ले रही हैं, जिन्होंने हाल में शराब का सेवन किया है। संदिग्ध लक्षण मिलने पर लोगों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि यदि पिछले 24 से 48 घंटे में शराब पीने के बाद किसी व्यक्ति को तबीयत बिगड़ने के लक्षण दिखाई दें तो देरी न करें।
उल्टी, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना और शरीर में अकड़न जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने ऐसे लोगों से तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की है।
मौतों के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज
घटना का असर शहर के राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी पड़ा है। रविवार को आयोजित होने वाला दही हांडी कार्यक्रम विधायक शैलेंद्र जैन ने घटना के चलते निरस्त कर दिया। इसके बाद वे पीड़ितों से मिलने बीएमसी पहुंचे। उनके साथ जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी भी मौजूद रहे।
देर दोपहर मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी बीएमसी पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को सागर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
अब जांच में इन सवालों के जवाब जरूरी
प्रशासन के सामने अब सिर्फ शराब के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार नहीं है। यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि संदिग्ध शराब किस स्रोत से आई, उसे किसने खरीदा या तैयार किया और अलग-अलग गांवों तक उसकी सप्लाई कैसे पहुंची।
छह दुकानों को सील करने के बाद शुरू हुई जांच अगर सप्लाई चेन तक पहुंचती है, तो इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की दिशा भी साफ हो सकती है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की पहचान, समय पर इलाज और संदिग्ध शराब की सप्लाई पर रोक लगाना है।
