बालाघाट में खाट पर कलेक्ट्रेट पहुंची गर्भवती महिला, पुलिस पर बेरहमी से पीटने का आरोप; किरनापुर थाना स्टाफ सस्पेंड
बालाघाट में सोमवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब एक गर्भवती महिला को उसके परिजन खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। परिवार का आरोप है कि किरनापुर पुलिस ने चोरी के शक में महिला और उसके पति को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने किरनापुर थाना स्टाफ को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंप दी है।

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बालाघाट कलेक्ट्रेट में सोमवार को उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक गर्भवती महिला को उसके परिजन खाट पर लेकर पहुंच गए। महिला की हालत इतनी खराब बताई गई कि वह खुद चलकर कलेक्ट्रेट तक नहीं आ सकी। परिवार ने किरनापुर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की शिकायत अधिकारियों से की।
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने चोरी के एक मामले में महिला और उसके पति को घर से उठाया था। इसके बाद दोनों के साथ थाने में कथित तौर पर मारपीट की गई। परिवार का आरोप है कि इसी मारपीट के बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई।
दो सितंबर को पोस्ट ऑफिस में हुई थी चोरी
किरनापुर थाना क्षेत्र के टिमकीटोला गांव निवासी कैलाश चौधरी के मुताबिक, दो सितंबर को इलाके के पोस्ट ऑफिस में चोरी हुई थी। परिवार का कहना है कि चोरी के मामले में किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से लगाए गए आरोप के आधार पर पुलिस कैलाश और उसकी पत्नी सावित्री को घर से थाने ले गई।
कैलाश का कहना है कि उसकी पत्नी करीब दो महीने की गर्भवती है। परिवार के मुताबिक, थाने ले जाने के बाद दोनों को अलग-अलग रखा गया और पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की गई।
बेल्ट और डंडों से पीटने का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ गाली-गलौज की और बेल्ट व डंडों से मारपीट की। कैलाश के मुताबिक, मारपीट शरीर के संवेदनशील हिस्सों तक की गई। परिवार का दावा है कि पिटाई के दौरान दोनों की हालत इतनी बिगड़ गई कि वे बेहोश हो गए।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि महिला को चोरी कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। परिवार का कहना है कि कथित मारपीट के बाद पुलिस दोनों को घर छोड़ गई, लेकिन महिला की तबीयत लगातार खराब होती रही।
पांच दिन से खराब थी महिला की हालत
परिजनों के मुताबिक, मारपीट के बाद सावित्री की हालत इतनी खराब हो गई कि वह पिछले करीब पांच दिनों से घर पर ही पड़ी थी। चलने-फिरने में परेशानी के चलते परिवार को उसे खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट आना पड़ा।
मामले की जानकारी पूर्व सेना जवान तोमेश्वर राहंगडाले और अन्य लोगों को मिली, जिसके बाद वे परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। परिजनों ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित झूठे आरोप से राहत और मुआवजे की मांग की।
कलेक्ट्रेट पहुंची महिला तो प्रशासन ने कराया अस्पताल में भर्ती
खाट पर महिला को लेकर पहुंचे परिजनों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक मौके पर पहुंचे और महिला की हालत देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा भी अस्पताल पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने किरनापुर थाना स्टाफ को निलंबित करने की कार्रवाई की और जांच महिला एसआईटी को सौंपने की बात कही।
जांच के बाद साफ होगा क्या हुआ था
परिवार ने पुलिस पर शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। अब मामले की जांच महिला एसआईटी करेगी। जांच में पुलिस के पास महिला और उसके पति को थाने लाने का आधार क्या था, पूछताछ के दौरान क्या हुआ और मारपीट के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह सामने आएगा।
फिलहाल महिला का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
