LIVE
ताज़ा समाचार लोड हो रहे हैं...
Lokswami Emblem
Lokswami
होम
भोपाल में CM हाउस जा रहे इंटर्न डॉक्टरों को हमीदिया में रोका, पुलिस से धक्का-मुक्की; वाटर कैनन तैनात
भोपाल में CM हाउस जा रहे इंटर्न डॉक्टरों को हमीदिया में रोका, पुलिस से धक्का-मुक्की; वाटर कैनन तैनातलोकस्वामी ग्राफिक्स
Regional
ई-पेपर

भोपाल में CM हाउस जा रहे इंटर्न डॉक्टरों को हमीदिया में रोका, पुलिस से धक्का-मुक्की; वाटर कैनन तैनात

Kapil Tulsani3 min read07/09/26

भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें हमीदिया अस्पताल में ही रोक दिया। डॉक्टर ₹14,337 से बढ़ाकर ₹30 हजार स्टाइपेंड करने की मांग कर रहे हैं।

Lokswami AI

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन ने सोमवार को जोर पकड़ लिया। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे डॉक्टरों को पुलिस ने हमीदिया अस्पताल परिसर में ही रोक दिया। अस्पताल के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

मौके पर रिजर्व पुलिस बल के साथ वाटर कैनन और अन्य पुलिस वाहन भी खड़े किए गए हैं। एसडीएम समेत प्रशासन के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मार्च रोकने के दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने की भी जानकारी सामने आई है।

गेट नंबर-1 से निकलना चाहते थे डॉक्टर

इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट नंबर-1 से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने की तैयारी की थी। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग रखना चाहते थे।

डॉक्टरों के मुताबिक करीब डेढ़ महीने पहले स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था। उस समय उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही इसका लिखित आदेश जारी हो जाएगा, लेकिन एक महीने से ज्यादा समय गुजरने के बाद भी आदेश नहीं आया।

इसके बाद डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री निवास तक मार्च करने का फैसला लिया।

₹14,337 मिल रहा, मांग ₹30 हजार की

इंटर्न डॉक्टरों को फिलहाल ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलने की बात कही गई है। डॉक्टर इसे बढ़ाकर कम से कम ₹30 हजार करने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर शासन लिखित आदेश जारी करे, ताकि निर्णय स्पष्ट और लागू हो सके।

अस्पताल के रास्तों पर पुलिस की घेराबंदी

डॉक्टरों के मार्च की जानकारी के बाद पुलिस ने हमीदिया अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। बाहर निकलने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

इमरजेंसी गेट को भी ब्लॉक किए जाने की बात सामने आई है। मौके पर वाटर कैनन सहित पुलिस के कई वाहन मौजूद हैं। प्रशासन की कोशिश है कि डॉक्टरों का मार्च अस्पताल परिसर से बाहर न निकल पाए।

डॉक्टर बोले- हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण

इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर पहले अपनी मांग संवैधानिक तरीके से शासन के सामने रख चुके हैं। उनके मुताबिक जब लंबे समय तक कोई लिखित आदेश नहीं आया, तब मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात के लिए मार्च का फैसला लिया गया।

उनका कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण है और डॉक्टर सिर्फ अपनी मांग का समाधान चाहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी।

यूपी का उदाहरण देकर MP सरकार से सवाल

मोहित मिश्रा के मुताबिक उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पहले कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ता है तो मध्य प्रदेश में भी इस दिशा में फैसला लिया जाएगा।

डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25 हजार करने का आदेश जारी हो चुका है। ऐसे में वे मध्य प्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

प्रदेश में करीब 3600 इंटर्न डॉक्टर होने का दावा

आंदोलनकारी डॉक्टरों के मुताबिक मध्य प्रदेश में करीब 2 हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि कुल संख्या लगभग 3,600 है। उन्होंने भविष्य में आने वाले इंटर्न डॉक्टरों को जोड़ने पर यह संख्या करीब 15 हजार तक पहुंचने का दावा किया है।

उनका कहना है कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। सागर से आए इंटर्न डॉक्टरों की बस को नादरा बस स्टैंड पर रोके जाने का दावा भी उन्होंने किया है।

लिखित आदेश तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वे मुख्यमंत्री से सिर्फ मौखिक आश्वासन लेने के लिए आंदोलन नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड बढ़ाने का आधिकारिक लिखित आदेश जारी किया जाए।

मोहित मिश्रा के मुताबिक जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर लिखित आदेश नहीं देते, तब तक इंटर्न डॉक्टर हमीदिया परिसर में अपना आंदोलन जारी रखेंगे। ऐसे में अब सरकार और आंदोलनकारी डॉक्टरों के बीच बातचीत से इस गतिरोध का रास्ता निकलने पर नजर है।

संबंधित खबरें

बालाघाट में खाट पर कलेक्ट्रेट पहुंची गर्भवती महिला, पुलिस पर बेरहमी से पीटने का आरोप; किरनापुर थाना स्टाफ सस्पेंड
Regional

बालाघाट में खाट पर कलेक्ट्रेट पहुंची गर्भवती महिला, पुलिस पर बेरहमी से पीटने का आरोप; किरनापुर थाना स्टाफ सस्पेंड

बालाघाट में सोमवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब एक गर्भवती महिला को उसके परिजन खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। परिवार का आरोप है कि किरनापुर पुलिस ने चोरी के शक में महिला और उसके पति को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने किरनापुर थाना स्टाफ को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंप दी है।

पूरा खबर
अंबिकापुर में 30 से ज्यादा छात्राओं का पैदल मार्च, 20 KM बाद कलेक्ट्रेट पहुंचीं; भोजन-सफाई से लेकर प्राचार्य के व्यवहार पर शिकायत
Regional

अंबिकापुर में 30 से ज्यादा छात्राओं का पैदल मार्च, 20 KM बाद कलेक्ट्रेट पहुंचीं; भोजन-सफाई से लेकर प्राचार्य के व्यवहार पर शिकायत

सरगुजा के शिवपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की 30 से अधिक छात्राएं सोमवार को स्कूल की व्यवस्थाओं से नाराज होकर करीब 20 किलोमीटर पैदल अंबिकापुर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और प्राचार्य के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर शिकायत की। सहायक आयुक्त ने रास्ते में उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं कलेक्टर से ही मिलने पर अड़ी रहीं। कलेक्टर अजीत वसंत ने बैठक रोककर उनकी समस्याएं सुनीं और जांच का भरोसा दिया।

पूरा खबर
सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से 22 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, 6 शराब दुकानें सील; सैंपल जांच के लिए भेजे
Regional

सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से 22 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, 6 शराब दुकानें सील; सैंपल जांच के लिए भेजे

सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद मौतों का आंकड़ा 22 तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। छह शराब दुकानों को एहतियातन सील कर शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर शराब सेवन करने वालों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।

पूरा खबर
7 साल फरार रहने के बाद 14.5 करोड़ की ठगी का आरोपी बैतूल से गिरफ्तार, हांगकांग तक फैला निकला नेटवर्क
Regional

7 साल फरार रहने के बाद 14.5 करोड़ की ठगी का आरोपी बैतूल से गिरफ्तार, हांगकांग तक फैला निकला नेटवर्क

अहमदाबाद पुलिस ने 14.5 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी नीलेश धीरूभाई पटेल को मध्य प्रदेश के बैतूल से गिरफ्तार किया है। आरोपी 7 साल से फरार था और हुलिया बदलकर बैतूल में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक उसने 65 बैंक खातों और करीब 20 शेल कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया था, जिसका एक सिरा हांगकांग तक जुड़ा है। आरोपी के साथी दीपक आहूजा उर्फ दीपू टांक को भी गिरफ्तार किया गया है।

पूरा खबर