रायसेन जेल में कैदी का खौफनाक खेल, प्रहरी को गोली मारी फिर आंखों में झोंकी मिर्ची; जेल ब्रेक की साजिश बेनकाब
नौ दिन पुराने गोलीकांड का CCTV सामने आने के बाद पूरी वारदात की तस्वीर साफ हुई है। पुलिस के मुताबिक जमानत नहीं मिलने से नाराज कैदी नीलेश ने साथियों के साथ भागने की योजना बनाई थी।

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रायसेन जिला जेल में हुए गोलीकांड का नौ दिन बाद CCTV फुटेज सामने आया है। वीडियो में कैदी नीलेश ड्यूटी पर तैनात प्रहरी के पास देसी कट्टा लेकर पहुंचता दिखाई दे रहा है। विरोध करने पर उसने प्रहरी की कमर के ऊपर गोली चला दी।
गोली लगने के बाद प्रहरी जमीन पर गिर गया, लेकिन हमला यहीं नहीं रुका। पुलिस जांच के मुताबिक कैदी ने उसकी आंखों में मिर्ची पाउडर डाला और फिर कट्टे के बट से सिर पर दो वार किए।
घटना के बाद हुई जांच में पुलिस को यह अचानक किया गया हमला नहीं, बल्कि जेल से भागने की पहले से तैयार योजना का हिस्सा होने के सुराग मिले।
जमानत नहीं मिली तो बनाई जेल से निकलने की योजना
पुलिस के अनुसार, नीलेश को अदालत से जमानत नहीं मिली थी। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ जेल से भागने की योजना तैयार की।
योजना को अंजाम देने के लिए हथियार तक जेल के अंदर पहुंचाया गया। जांच में सामने आया कि देसी कट्टा जेल की ऊंची दीवार के बाहर से अंदर फेंका गया था।
इसके बाद कैदी ने हथियार अपने कब्जे में लिया और ड्यूटी पर मौजूद प्रहरी को निशाना बनाया।
CCTV ने खोला वारदात का राज
घटना के नौ दिन बाद सामने आया CCTV फुटेज पुलिस जांच के लिए अहम माना जा रहा है। इसमें हमले का घटनाक्रम साफ नजर आता है।
फुटेज के मुताबिक, नीलेश कट्टा लेकर प्रहरी के पास पहुंचा। विरोध के बाद गोली चलाई गई। प्रहरी के गिरने के बाद उसकी आंखों में मिर्ची डाली गई और सिर पर कट्टे से हमला किया गया।
इस घटनाक्रम ने यह भी साफ किया कि हमले के पीछे सिर्फ प्रहरी को घायल करना नहीं, बल्कि जेल से बाहर निकलने की कोशिश भी थी।
तीन आरोपी पकड़े गए, हथियार देने वाला फरार
गोलीकांड के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए नीलेश समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक नीलेश इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था।
हालांकि जिस व्यक्ति पर हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है, वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी पहचान नीलेश के मामा सुप्यार सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस उसकी तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है कि हथियार जेल के बाहर से अंदर पहुंचाने में और कौन लोग शामिल थे।