LIVE
ताज़ा समाचार लोड हो रहे हैं...
होम
एक ही मठ के पते पर 40+ पासपोर्ट! भंते बोले- न पुलिस आई, न STF; आखिर कैसे हुआ ये खेल?
एक मठ के पते पर 40 से ज्यादा पासपोर्ट जारी होने की जानकारी के बाद सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।लोकस्वामी ग्राफिक्स
Regional
ई-पेपर

एक ही मठ के पते पर 40+ पासपोर्ट! भंते बोले- न पुलिस आई, न STF; आखिर कैसे हुआ ये खेल?

Digital News Desk3 min read11/09/26

एक मठ के पते का इस्तेमाल कर 40 से ज्यादा पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। मठ प्रबंधन का दावा है कि न पुलिस ने पते का सत्यापन किया और न STF ने कोई जानकारी ली।

Lokswami AI

एक मठ के पते पर 40 से ज्यादा लोगों के पासपोर्ट बन जाने का मामला सामने आने के बाद पासपोर्ट सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मठ प्रबंधन को इन आवेदनों के बारे में कथित तौर पर कोई जानकारी ही नहीं थी।

मठ के भंते का कहना है कि इतने लोगों ने उनके पते का इस्तेमाल कैसे किया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उनके मुताबिक, पासपोर्ट बनवाने से पहले पते की जांच के लिए न पुलिस उनके पास पहुंची और न ही STF की ओर से कोई पूछताछ की गई।

अब सवाल सिर्फ उन 40 से ज्यादा पासपोर्ट का नहीं है, बल्कि यह भी है कि आवेदनों में दर्ज पते और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच आखिर किस स्तर पर हुई।

मठ को पता ही नहीं, फिर पते का इस्तेमाल कैसे हुआ?

भंते के मुताबिक, उन्हें तब पता चला कि उनके मठ के पते पर बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी हुए हैं, जब यह मामला सामने आया।

उनका दावा है कि यदि इन आवेदकों के पते की वास्तविक जांच की गई होती तो मठ प्रबंधन से इस संबंध में जानकारी ली जाती। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

यही बात अब पूरे मामले को संदिग्ध बनाती है कि एक ही पते पर इतने लोगों के आवेदन पहुंचने के बावजूद संबंधित स्तर पर किसी ने इस असामान्य स्थिति पर सवाल क्यों नहीं उठाया।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन पर उठे बड़े सवाल

पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में आवेदक के पते का सत्यापन अहम हिस्सा होता है। सामान्य तौर पर यह देखा जाता है कि आवेदन में दिया गया पता वास्तविक है या नहीं और आवेदक का उससे कोई संबंध है या नहीं।

ऐसे में एक ही मठ के पते पर 40 से ज्यादा पासपोर्ट जारी होने की बात सामने आने के बाद सत्यापन व्यवस्था की जांच जरूरी हो गई है।

जांच में यह देखा जा सकता है कि इन सभी आवेदनों में मठ का पता किस आधार पर दर्ज किया गया था और इसके समर्थन में कौन से दस्तावेज लगाए गए।

पुलिस और STF की भूमिका भी सवालों में

मठ प्रबंधन का कहना है कि पते की जांच के लिए पुलिस की कोई टीम वहां नहीं आई। STF की ओर से भी किसी तरह की जानकारी या पूछताछ नहीं की गई।

अगर यह दावा जांच में सही पाया जाता है तो सवाल उठेगा कि बिना स्थानीय स्तर पर सत्यापन के आवेदनों को आगे कैसे बढ़ाया गया।

दूसरी तरफ, यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि कहीं किसी स्तर पर गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

अब जांच में सामने आ सकता है पूरा नेटवर्क

जांच का सबसे अहम हिस्सा उन लोगों तक पहुंचना होगा, जिन्होंने इन पासपोर्ट के लिए मठ का पता इस्तेमाल किया। इसके साथ उनके आवेदन, पहचान संबंधी दस्तावेज और पते के प्रमाण की भी पड़ताल की जा सकती है।

जांच एजेंसियों के सामने यह भी बड़ा सवाल रहेगा कि क्या सभी आवेदकों का मठ से कोई वास्तविक संबंध था या सिर्फ दस्तावेजों में इस पते का इस्तेमाल किया गया।

अगर सत्यापन प्रक्रिया में जानबूझकर अनदेखी या किसी तरह की मिलीभगत सामने आती है तो मामला केवल गलत पता दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहेगा।

फिलहाल 40 से ज्यादा पासपोर्ट एक ही पते पर जारी होने और मठ प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं होने की बात ने पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही साफ होगा कि यह महज लापरवाही थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

संबंधित खबरें

फिर जहरीली गैस का रिसाव, अस्पताल पहुंचे 8-10 लोग; प्रशासन के दावे और जमीन की हकीकत में फर्क क्यों?
Regional

फिर जहरीली गैस का रिसाव, अस्पताल पहुंचे 8-10 लोग; प्रशासन के दावे और जमीन की हकीकत में फर्क क्यों?

पानी फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने की सूचना के बाद कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी के बाद करीब 8 से 10 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जबकि एक मरीज की हालत गंभीर बताई गई है

पूरा खबर
सांसों के लिए तड़पता रहा 6 साल का मासूम, ऑक्सीजन मास्क के इंतजार में बिगड़ी हालत; रास्ते में मौत
Regional

सांसों के लिए तड़पता रहा 6 साल का मासूम, ऑक्सीजन मास्क के इंतजार में बिगड़ी हालत; रास्ते में मौत

चुरहट अस्पताल से रीवा ले जाए जा रहे 6 साल के बैगा बच्चे की रास्ते में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध थी, लेकिन मास्क नहीं मिला और एंबुलेंस में भी पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

पूरा खबर
रायसेन जेल में कैदी का खौफनाक खेल, प्रहरी को गोली मारी फिर आंखों में झोंकी मिर्ची; जेल ब्रेक की साजिश बेनकाब
Regional

रायसेन जेल में कैदी का खौफनाक खेल, प्रहरी को गोली मारी फिर आंखों में झोंकी मिर्ची; जेल ब्रेक की साजिश बेनकाब

नौ दिन पुराने गोलीकांड का CCTV सामने आने के बाद पूरी वारदात की तस्वीर साफ हुई है। पुलिस के मुताबिक जमानत नहीं मिलने से नाराज कैदी नीलेश ने साथियों के साथ भागने की योजना बनाई थी।

पूरा खबर
बैंक हड़ताल से MP में 7,000 शाखाओं में काम ठप, 5,500 करोड़ के कारोबार पर असर
Regional

बैंक हड़ताल से MP में 7,000 शाखाओं में काम ठप, 5,500 करोड़ के कारोबार पर असर

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और अन्य लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल हुई। मध्य प्रदेश में इसका सीधा असर दिखा, राज्य की कुल 8,707 शाखाओं में से करीब 7,000 शाखाओं में कामकाज ठप रहा। मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन के अनुसार करीब 42,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए और राज्य में करीब 5,500 करोड़ रुपये के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा।

पूरा खबर