बैंक हड़ताल से MP में 7,000 शाखाओं में काम ठप, 5,500 करोड़ के कारोबार पर असर
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और अन्य लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल हुई। मध्य प्रदेश में इसका सीधा असर दिखा, राज्य की कुल 8,707 शाखाओं में से करीब 7,000 शाखाओं में कामकाज ठप रहा। मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन के अनुसार करीब 42,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए और राज्य में करीब 5,500 करोड़ रुपये के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा।

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देशभर में हड़ताल, बातचीत बेनतीजा
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। मुख्य मांग पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की है, जिस पर 2024 में सैद्धांतिक सहमति बनी थी लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ। इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था की समीक्षा, नई भर्तियां और पेंशन से जुड़ी मांगें भी एजेंडे में हैं।
8 सितंबर को मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय में वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनियनों के बीच सुलह वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसी बीच सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्केल IV से VIII के अधिकारियों का PLI भुगतान FY25-26 के लिए फिलहाल रोक दिया है।
मध्य प्रदेश में असर: 7,000 शाखाएं, 42,000 कर्मचारी
मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (MPBEA) के अध्यक्ष मोहनकृष्ण शुक्ला ने बताया कि राज्य की कुल 8,707 बैंक शाखाओं में से करीब 7,000 शाखाओं के लगभग 42,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ-साथ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक के कर्मचारी भी शामिल रहे।
शुक्ला के मुताबिक हड़ताल से नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट रिन्यूअल और सरकारी ट्रेजरी से जुड़े कामकाज पर सीधा असर पड़ा। संगठन के अनुमान के अनुसार राज्य में करीब 5,500 करोड़ रुपये का दैनिक बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ।
भोपाल में सड़क पर उतरे बैंक कर्मचारी
राजधानी भोपाल में हड़ताल का असर सबसे ज्यादा दिखा। शहर की करीब 500 शाखाएं बंद रहीं। UFBU और ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (AIBEA) के बैनर तले कर्मचारियों ने MP नगर से विरोध रैली निकाली और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर नारेबाजी की।
डिजिटल सेवाएं सामान्य
हड़ताल का असर शाखा-स्तर के कामकाज तक सीमित रहा। UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं, जिससे आम ग्राहकों के रोजमर्रा के लेनदेन पर बड़ा असर नहीं पड़ा। दिक्कत उन ग्राहकों को हुई जिन्हें चेक क्लियरेंस, KYC अपडेट, लॉकर एक्सेस या बड़ी नकद निकासी जैसे शाखा-आधारित काम निपटाने थे।
आगे और हड़तालों की चेतावनी
11 सितंबर की हड़ताल यूनियनों की चेतावनी की सिर्फ पहली कड़ी है। UFBU पहले ही 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल का ऐलान कर चुका है। अगर तब तक मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी होने से शाखा-स्तर का कामकाज लगातार चार दिन तक प्रभावित रह सकता है।