अब कूड़ा फेंकते ही पकड़े जाएंगे लोग! AI कैमरे बजाएंगे अलार्म, तस्वीर से होगी पहचान और लगेगा जुर्माना
प्रयागराज में खुले में कूड़ा फेंकने वालों की निगरानी के लिए 200 स्थानों पर AI कैमरे लगाने की तैयारी है। कैमरे तस्वीर कैद करेंगे, अलार्म बजाएंगे और नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।

प्रयागराज में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। नगर निगम एक महीने के भीतर 200 प्रमुख स्थानों पर AI आधारित कैमरे लगाने की योजना बना रहा है। खुले में कचरा फेंकते ही कैमरे तस्वीर कैद करेंगे और अलार्म बजाकर संबंधित व्यक्ति को सचेत करेंगे। इसके बाद पहचान के आधार पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
अब कैमरों की नजर में रहेंगे कूड़ा फेंकने वाले
शहर की सड़कों, खाली प्लॉट और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की समस्या से निपटने के लिए प्रयागराज नगर निगम तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शहर के उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां लोग अक्सर खुले में कचरा डालते हैं।
इन जगहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे की निगरानी में जैसे ही कोई व्यक्ति कूड़ा फेंकेगा, उसकी तस्वीर रिकॉर्ड हो जाएगी। इसके साथ ही तत्काल अलार्म बजेगा, जिससे मौके पर मौजूद व्यक्ति को गंदगी फैलाने से रोका जा सके।
200 स्थानों पर पहले चरण में लगेंगे कैमरे
नगर निगम की योजना के मुताबिक शुरुआत में करीब 200 स्थानों पर AI कैमरे लगाने की तैयारी है। इस पूरी व्यवस्था को अगले एक महीने के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर के 100 वार्डों में ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां कचरा फेंकने की शिकायतें अधिक मिलती हैं।
तस्वीर के आधार पर होगी जुर्माने की कार्रवाई
इस व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ गंदगी फैलाने की घटना रिकॉर्ड करना नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है। कैमरों में कैद तस्वीरों के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान की जाएगी और नियमों के मुताबिक जुर्माना लगाया जाएगा।
अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और कार्रवाई के लिए नगर निगम के सफाई कर्मचारियों तथा अन्य अमले पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार कर्मचारियों की अनुपस्थिति में लोग खुले में कचरा डालकर निकल जाते हैं। AI कैमरों से इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
रोज निकलता है 600 मीट्रिक टन कचरा
प्रयागराज नगर निगम के सामने शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक शहर में प्रतिदिन करीब 600 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसमें लगभग 200 मीट्रिक टन गीला कचरा शामिल है। सफाई व्यवस्था के लिए करीब 4,500 कर्मचारी तैनात हैं।
ऐसे में तकनीकी निगरानी से न केवल खुले में कचरा फेंकने की घटनाओं पर नियंत्रण की उम्मीद है, बल्कि सफाई व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने में भी मदद मिल सकती है।
तकनीक से मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था
नगर आयुक्त साई तेजा के मुताबिक शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। AI कैमरों के जरिए गंदगी फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस योजना की वास्तविक सफलता कैमरों की निगरानी, व्यक्ति की सही पहचान, जुर्माने की पारदर्शी प्रक्रिया और नियमित कार्रवाई पर निर्भर करेगी। केवल कैमरे लगाने से सफाई व्यवस्था नहीं बदलेगी, इसके लिए कचरा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाना होगा।




