MGM मेडिकल कॉलेज इंदौर में बढ़ीं 39 PG सीटें, कुल संख्या 322 पहुंची; प्रदेश में सबसे आगे
एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर को विभिन्न विभागों में पीजी की 39 नई सीटों की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही कॉलेज में कुल पीजी सीटों की संख्या 322 हो गई है। संस्थान में 13 सुपर स्पेशियलिटी सीटें भी उपलब्ध हैं।

इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमता का विस्तार किया है। संस्थान को अलग-अलग विभागों में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की 39 नई सीटों की मंजूरी मिली है। इसके बाद कॉलेज में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 322 हो गई है।
कॉलेज के अनुसार, यह संख्या मध्यप्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सबसे अधिक है। इसके अलावा संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी की 13 सीटें भी उपलब्ध हैं।
नौ विभागों में बढ़ीं 39 पीजी सीटें
नई मंजूरी में सबसे ज्यादा 12 सीटें कम्युनिटी मेडिसिन विभाग को मिली हैं। पैथोलॉजी में 9 और ऑर्थोपेडिक्स में 5 सीटें बढ़ाई गई हैं। अन्य विभागों में सीटों का विस्तार इस प्रकार हुआ है।

डीन बोले- विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने में मिलेगी मदद
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने 39 नई पीजी सीटों की मंजूरी को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति कॉलेज की शैक्षणिक क्षमता और विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता का परिणाम है।
उनके मुताबिक, किसी मेडिकल कॉलेज की असली ताकत वहां से तैयार होने वाले कुशल और विशेषज्ञ डॉक्टर होते हैं। सीटें बढ़ने से अधिक विद्यार्थियों को उच्च चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पीजी विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने से विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
डीन के अनुसार, खासकर सर्जरी और अन्य विशेषज्ञ विभागों में इसका लाभ मिल सकता है। ऑपरेशन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने, मरीजों की प्रतीक्षा अवधि कम करने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की संभावना है।
संस्थान का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करना है। हालांकि, मरीजों को इसका वास्तविक लाभ नई सीटों पर प्रवेश, प्रशिक्षण और अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों के आधार पर मिलेगा।




