पीथमपुर की मित्तल कंपनी में नाइट्रोजन टैंक फटा, जोरदार धमाके से 3 मजदूर घायल; 2 की हालत नाजुक
पीथमपुर सेक्टर-3 की मित्तल कंपनी में मंगलवार सुबह नाइट्रोजन गैस के रिसीवर टैंक का निचला हिस्सा फटने से जोरदार धमाका हुआ। हादसे में तीन मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।

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पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार सुबह नाइट्रोजन गैस के रिसीवर टैंक में धमाका होने से हड़कंप मच गया। घटना सेक्टर-3 के इंडोरामा क्षेत्र स्थित मित्तल कंपनी में करीब 11 बजे हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाइट्रोजन गैस के रिसीवर टैंक का निचला हिस्सा फट गया, जिसके बाद तेज आवाज के साथ धमाका हुआ।
धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हादसे में तीन मजदूर घायल हुए। उन्हें फैक्ट्री से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद सागौर कुटी स्थित श्रीनाथ हॉस्पिटल ले जाया गया।
तीन मजदूर घायल, दो की हालत नाजुक
हादसे में घायल मजदूरों की पहचान शिवम शर्मा (30), पुखराज पाटीदार (46) और सतेंद्र राठौर (41) के रूप में हुई है।
शिवम शर्मा, पिता मधुसूदन शर्मा, पीथमपुर के सेक्टर-3 स्थित जाओरा कॉलोनी के निवासी बताए गए हैं। पुखराज पाटीदार, पिता बाबूलालजी पाटीदार, घाटा बिल्लोद के रहने वाले हैं। वहीं सतेंद्र राठौर, पिता शिवराज सिंह राठौर, भोजपुरी कॉलोनी, बेटमा थाना क्षेत्र, जिला इंदौर के निवासी बताए गए हैं।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें दो मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
धमाके के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
राहत और बचाव दल ने फैक्ट्री परिसर में स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल फैक्ट्री में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं।
नाइट्रोजन रिसीवर टैंक में हुआ विस्फोट
मित्तल कंपनी में मेटल के सिक्के बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर बताया गया है कि हादसा नाइट्रोजन गैस के रिसीवर टैंक के निचले हिस्से के फटने से हुआ।
हालांकि टैंक का निचला हिस्सा किन परिस्थितियों में फटा और धमाके की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तकनीकी जांच के बाद साफ होगी वजह
प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ घटना की जांच कर रहे हैं। टैंक की स्थिति, उसके संचालन और हादसे से पहले की परिस्थितियों की जांच के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल प्रशासन का फोकस घायलों के इलाज और फैक्ट्री परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर है। जांच पूरी होने के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।