धार में वराह मार्च से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन, सनातन प्रहरी समिति के कई पदाधिकारी गिरफ्तार, विजय मंदिर-लाट मस्जिद परिसर सील
प्रस्तावित वराह मार्च की अनुमति निरस्त होने के बाद धार पुलिस ने मंगलवार सुबह सनातन प्रहरी समिति से जुड़े कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया। एएसआई ने संवेदनशील विजय मंदिर-लाट मस्जिद परिसर को दिनभर के लिए बंद कर दिया, वहीं शहर में 2 दर्जन थाना प्रभारी और 10 एसडीओपी/डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती के साथ सुरक्षा का घेरा कड़ा किया गया है।

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प्रशासन का सख्त रुख, अनुमति पहले ही निरस्त
कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए धार प्रशासन ने प्रस्तावित वराह मार्च की अनुमति पहले ही रद्द कर दी थी। मंगलवार सुबह पुलिस ने इस फैसले पर अमल करते हुए सनातन प्रहरी समिति से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
किन-किन को किया गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई में विकास जाट, लोकेश यादव, आशीष बसु, सत्यनारायण रघुवंशी (टू-टू ठाकुर), संदीप यादव, बाला उर्फ विक्रम, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले, दीपक उर्फ रोहित साँठे और धामनोद निवासी सत्यम सहित कई पदाधिकारी शामिल हैं।
एएसआई का आदेश, परिसर पूरे दिन बंद
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने गंजीखाना स्थित संरक्षित परिसर को मंगलवार भर के लिए पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया है। विभाग ने साफ किया है कि बिना अनुमति प्रवेश या किसी भी गतिविधि पर प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल अधिनियम, 1958 के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
विजय मंदिर-लाट मस्जिद, संवेदनशील इतिहास वाला स्थल
यह स्थल हिंदू पक्ष में 'विजय मंदिर' और मुस्लिम समाज में 'लाट मस्जिद' के नाम से जाना जाता है। परंपरागत व्यवस्था के तहत यहां मुस्लिम समाज को दोनों ईदों पर नमाज और हिंदू समाज को दशहरे के अगले दिन मिलन समारोह की अनुमति दी जाती रही है। मौजूदा हालात में प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
शहर में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
करीब 2 दर्जन थाना प्रभारी, 10 एसडीओपी/डीएसपी स्तर के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर पिकेट लगाए गए हैं और मोबाइल वैन लगातार गश्त पर हैं।