MP Panchayat Financial Powers: ग्राम पंचायत को ₹25 लाख तक की मंजूरी का अधिकार, जनपद-कलेक्टर की सीमा भी बढ़ी
मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया में वित्तीय अधिकार बढ़ाए हैं। नए निर्माण कार्यों में ग्राम पंचायत ₹25 लाख, जनपद पंचायत ₹50 लाख और जिला पंचायत व कलेक्टर ₹2 करोड़ तक प्रशासनिक स्वीकृति दे सकेंगे। इंजीनियरों की तकनीकी स्वीकृति की सीमा भी बढ़ाई गई है।

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मध्य प्रदेश में गांवों के निर्माण और विकास कार्यों की मंजूरी के लिए अब स्थानीय स्तर पर अधिक वित्तीय अधिकार मिलेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े नए निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायत से लेकर कलेक्टर स्तर तक प्रशासनिक स्वीकृति की सीमा बढ़ाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त विभाग ने मंगलवार, 15 सितंबर को वित्तीय अधिकारों की सीमा बढ़ाने के आदेश जारी किए।
ग्राम पंचायत ₹25 लाख तक के काम को दे सकेगी मंजूरी
नई व्यवस्था में नए निर्माण कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए ग्राम पंचायत को ₹25 लाख तक का अधिकार दिया गया है। जनपद पंचायत ₹50 लाख तक के कार्यों को मंजूरी दे सकेगी। जिला पंचायत और कलेक्टर की सीमा ₹2 करोड़ तक रखी गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक स्वीकृति सरपंच और जनपद व जिला पंचायत स्तर पर संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इससे पहले पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन में पंचायतों को ₹25 लाख तक के कार्य करने का अधिकार देने की घोषणा कर चुके थे। मध्य प्रदेश सरकार के जिला प्रशासन पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक सामग्री में इस घोषणा की पुष्टि होती है।
इंजीनियरों की तकनीकी स्वीकृति की सीमा भी बढ़ी
बदलाव केवल प्रशासनिक मंजूरी तक सीमित नहीं है। नए निर्माण कार्यों में तकनीकी स्वीकृति के लिए सहायक यंत्री को ₹25 लाख, कार्यपालन यंत्री को ₹2 करोड़ और अधीक्षण यंत्री को ₹5 करोड़ तक के अधिकार दिए गए हैं। मुख्य अभियंता को तकनीकी स्वीकृति के लिए पूर्ण अधिकार रहेंगे।
विशेष मरम्मत के लिए अलग सीमा
पुराने निर्माण कार्यों की विशेष मरम्मत के मामले में तकनीकी स्वीकृति की सीमा अलग रखी गई है। सहायक यंत्री ₹1 लाख, कार्यपालन यंत्री ₹15 लाख और अधीक्षण यंत्री ₹5 करोड़ तक तकनीकी स्वीकृति दे सकेंगे। मुख्य अभियंता के पास पूर्ण अधिकार रहेंगे।
विशेष मरम्मत की प्रशासनिक स्वीकृति में ग्राम पंचायत की सीमा ₹25 हजार, जनपद पंचायत की ₹50 हजार, जिला पंचायत की ₹5 लाख और कलेक्टर की ₹15 लाख रखी गई है। विकास आयुक्त को इस श्रेणी में पूर्ण अधिकार दिए गए हैं।
क्या होगा बदलाव?
अधिकारों के विकेंद्रीकरण से निर्धारित वित्तीय सीमा वाले निर्माण कार्यों को मंजूरी के लिए हर बार उच्च स्तर पर भेजने की जरूरत कम होगी। इसका उद्देश्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण और मरम्मत कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर अधिक सक्षम बनाना है।