500 ट्रैक्टरों के साथ खरगोन में उतरे 3 हजार किसान, 4 गुना मुआवजे पर अड़े; खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग
भीकनगांव में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 100 से ज्यादा गांवों के करीब 3 हजार किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने फोरलेन के लिए अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा और बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना का पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग उठाई।

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खरगोन के भीकनगांव में मंगलवार को किसानों की बड़ी लामबंदी देखने को मिली। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 100 से अधिक गांवों के किसान 500 से ज्यादा ट्रैक्टरों के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचे। टंट्या मामा भवन से निकला किसानों का जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कृषि उपज मंडी पहुंचा, जहां जनसभा के जरिए किसानों ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं।
प्रदर्शन में जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजे से लेकर सिंचाई के पानी तक के मुद्दे प्रमुख रहे। किसान नेताओं ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
फोरलेन के लिए जमीन जा रही, मुआवजे पर सवाल
किसानों का कहना है कि देशगांव-जुलवानिया फोरलेन मार्ग के निर्माण के लिए उनकी उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, फिलहाल उन्हें बाजार मूल्य का दो गुना मुआवजा दिए जाने की बात है।
किसानों की मांग है कि अधिग्रहित जमीन के बदले बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए। उनका सवाल है कि जब दूसरे स्थानों पर चार गुना मुआवजे की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आती है, तो भीकनगांव क्षेत्र के प्रभावित किसानों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
इसी मांग को लेकर किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
745 करोड़ की परियोजना, फिर भी खेतों तक पानी का इंतजार
प्रदर्शन के दौरान बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं के अनुसार, करीब 745 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी मिले लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
किसानों की मांग है कि चालू वर्ष में ही परियोजना का पानी खेतों तक पहुंचाने की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि इसका वास्तविक लाभ कृषि क्षेत्र को मिल सके।
आवेदन के बाद भी सुनवाई नहीं होने का आरोप
भारतीय किसान संघ के जिला मीडिया प्रभारी नितेश सिंह मौर्य ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई।
उनके मुताबिक, इसी वजह से इस बार 100 से ज्यादा गांवों के करीब 3 हजार किसान एकजुट होकर तहसील मुख्यालय पहुंचे हैं।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन जारी रहेगा
किसान संगठन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन सिर्फ एक दिन के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। किसानों का कहना है कि जब तक फोरलेन से प्रभावित जमीन के लिए चार गुना मुआवजे और बिंजलवाड़ा परियोजना का पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग पर समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।