राखी से पर्यावरण का संदेश, कचरे से बनी 6 तरह की राखी लेकर पहुंचीं महिलाएं; वॉक में मिलेगा ग्रीन वॉरियर मेडल
इंदौर में ‘Walk for a Green Tomorrow’ के जरिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। महिलाओं ने वेस्ट मटेरियल से ऐसी बड़ी राखियां तैयार की हैं, जिनमें छह तरह के कचरे को अलग-अलग रखने का संदेश दिया गया है। रीजनल पार्क से शुरू होने वाली वॉक में प्रतिभागियों को पौधा और ‘ग्रीन वॉरियर मेडल’ दिया जाएगा।

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इंदौर में इस बार राखी सिर्फ भाई की कलाई तक सीमित नहीं है। शहर की कुछ महिलाओं ने कचरे से ऐसी बड़ी राखियां तैयार की हैं, जो लोगों को घर से ही स्वच्छता की शुरुआत करने का संदेश दे रही हैं। वेस्ट मटेरियल से तैयार इन राखियों में छह तरह के कचरे को अलग-अलग करने की सीख छिपी है।
इसी संदेश के साथ इंदौर में ‘Walk for a Green Tomorrow’ का आयोजन किया जा रहा है। वॉक में शहर के लोग, विद्यार्थी, सामाजिक संस्थाएं और पर्यावरण प्रेमी शामिल होंगे।
कचरे से बनी राखी में छिपा स्वच्छता का संदेश
महिलाओं ने बेकार सामग्री का इस्तेमाल कर बड़ी-बड़ी राखियां तैयार की हैं। इन राखियों के जरिए गीले, सूखे और अन्य श्रेणियों के कचरे को अलग-अलग रखने का संदेश दिया जा रहा है।
यानी राखी का यह रूप सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि घर-घर तक पहुंचने वाला पर्यावरण संदेश है। आयोजन के जरिए लोगों को समझाने की कोशिश है कि कचरा सड़क या खुले स्थान पर फेंकने के बजाय उसे सही तरीके से अलग कर निपटाया जाए।
रीजनल पार्क से निकलेगी पर्यावरण की वॉक
‘Walk for a Green Tomorrow’ सुबह 11 बजे रीजनल पार्क से शुरू होगी। इसमें शहर के नागरिकों के अलावा सामाजिक संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और पर्यावरण प्रेमियों की भागीदारी रहेगी।
कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल भी मौजूद रहेंगे।
इस वॉक का मकसद सिर्फ लोगों को एक जगह जुटाना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में पर्यावरण को लेकर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाने का संदेश देना है।
वॉक पूरी होगी तो हाथ में मेडल और पौधा होगा
कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को सम्मान के तौर पर ‘ग्रीन वॉरियर मेडल’ दिया जाएगा। इसके साथ एक पौधा भी मिलेगा।
यानी आयोजन का संदेश सिर्फ भाषण या पोस्टर तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतिभागी अपने साथ एक पौधा लेकर जाएंगे, जिसे वह आगे अपने घर, कॉलोनी या किसी उपयुक्त स्थान पर लगा सकते हैं।
आधा किलो प्लास्टिक के बदले मिला पौधा
इस आयोजन से पहले नगर निगम ने 20 से 30 अगस्त तक ‘आधा किलो प्लास्टिक लाओ, एक पौधा ले जाओ’ अभियान चलाया था।
शहर के 15 RRR सेंटरों पर नागरिकों ने घरों और आसपास से इकट्ठा किया गया सिंगल यूज प्लास्टिक जमा कराया। इसके बदले अलग-अलग प्रजातियों के पौधे दिए गए।
इस अभियान का मकसद प्लास्टिक को खुले में फेंकने के बजाय उसे रीसाइक्लिंग की व्यवस्था तक पहुंचाना था।
प्लास्टिक अब खुले में नहीं, RRR सेंटर तक पहुंचे
स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल और अपर आयुक्त प्रखर सिंह के मुताबिक अभियान के जरिए नागरिकों को अपने आसपास जमा सिंगल यूज प्लास्टिक RRR सेंटर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
सेंटरों पर जमा प्लास्टिक को अधिकृत एजेंसी के माध्यम से रीसाइक्लिंग या सुरक्षित निपटान के लिए भेजा जाएगा।
राखी से वॉक तक एक ही संदेश
इंदौर के इस आयोजन की खास बात यही है कि यहां त्योहार, स्वच्छता और पर्यावरण को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।
एक तरफ महिलाओं की कचरे से तैयार राखियां लोगों को कचरा अलग करने का संदेश दे रही हैं, दूसरी तरफ प्लास्टिक के बदले पौधे और वॉक के साथ मिलने वाला ‘ग्रीन वॉरियर मेडल’ लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिला रहा है।
