रानीपुरा में निगम की कार्रवाई पर बवाल, 70 दुकानों के ओटले-पार्टिशन टूटे; सड़क जाम करने उतरे दुकानदार, पुलिस ने संभाला मोर्चा
इंदौर के रानीपुरा इलाके में सोमवार को नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और निगम अमले के बीच विवाद हो गया। टीम ने करीब 60 से 70 दुकानों के बाहर बने ओटले और अस्थायी पार्टिशन हटाए। कार्रवाई के विरोध में कुछ दुकानदारों ने सड़क पर उतरकर जाम लगाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला। निगम ने फुटपाथ पर बनी गुमटियों और जेल रोड के अस्थायी निर्माणों पर भी कार्रवाई की।

Audio tools for this article
इंदौर के रानीपुरा इलाके में सोमवार को नगर निगम की कार्रवाई उस वक्त हंगामे में बदल गई, जब दुकानों के बाहर बने अस्थायी निर्माण हटाने पहुंची टीम का दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और कुछ दुकानदार सड़क पर उतर आए। उन्होंने वाहनों को रोककर रानीपुरा रोड जाम करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
नगर निगम की टीम का कहना है कि दुकानों के बाहर बनाए गए ओटले और पार्टिशन सड़क व फुटपाथ की जगह घेर रहे थे। इससे इस व्यस्त इलाके में यातायात प्रभावित हो रहा था। कार्रवाई से पहले निगम की ओर से कई बार अनाउंसमेंट कर दुकानदारों को अस्थायी निर्माण हटाने की हिदायत दी गई थी।
रानीपुरा में 60 से 70 दुकानों पर कार्रवाई
सोमवार को नगर निगम का रिमूवल अमला तीन थानों के पुलिस बल के साथ रानीपुरा पहुंचा। टीम ने दुकानों के बाहर बने ओटले और अस्थायी पार्टिशन हटाने शुरू किए। कार्रवाई के दौरान करीब 60 से 70 दुकानों के बाहर बने निर्माण हटाए गए।
इसके अलावा फुटपाथ पर बनी 8 से 10 गुमटियों को भी हटाया गया। निगम की कार्रवाई रानीपुरा से संजय सेतु ब्रिज की ओर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान दुकानदारों और निगम अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ गया।
कार्रवाई बढ़ी तो दुकानदारों का विरोध भी तेज हो गया। रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे और दुकानदारों के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद कुछ दुकानदारों ने दुकानें बंद कराने और सड़क पर उतरकर विरोध करने की कोशिश की।
सड़क पर खड़े होकर रोकने लगे वाहन
विरोध कर रहे कुछ दुकानदार सड़क के बीच खड़े हो गए और वाहनों को रोकने लगे। इससे मौके पर यातायात प्रभावित होने लगा। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला।
ACP विनोद दीक्षित और रूबिना मिजवानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों को सड़क से हटाकर किनारे किया। इसके बाद यातायात सामान्य हुआ और नगर निगम की कार्रवाई दोबारा शुरू की गई।
रानीपुरा के बाद निगम की टीम जेल रोड भी पहुंची, जहां सड़क और फुटपाथ पर बने अस्थायी निर्माण हटाए गए।
पहले ही दी गई थी चेतावनी
नगर निगम के भवन अधिकारी अंकेश बिरथरिया के मुताबिक, रानीपुरा शहर के मध्य क्षेत्र का बेहद व्यस्त इलाका है। पीक आवर्स में यहां बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। दुकानों के बाहर सामान रखने और अस्थायी निर्माण किए जाने से सड़क और फुटपाथ की जगह लगातार कम हो रही थी।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले कई बार मुनादी कराई गई थी। दुकानदारों को व्यक्तिगत रूप से भी समझाया गया था कि वे अस्थायी निर्माण हटाएं और दुकान के बाहर सामान नहीं रखें।
निगम के मुताबिक, इसके बावजूद कई जगह ओटले और पार्टिशन बने हुए थे। इसी वजह से उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई।
निगम बोला- अस्थायी निर्माण के लिए अलग नोटिस जरूरी नहीं
भवन अधिकारी ने बताया कि जिन निर्माणों को हटाया गया, वे अस्थायी प्रकृति के थे। निगम का कहना है कि ऐसे निर्माणों के लिए अलग से नोटिस देने की आवश्यकता नहीं थी। कार्रवाई से पहले दुकानदारों को अनाउंसमेंट के जरिए पर्याप्त चेतावनी दी गई थी।
कार्रवाई के बाद निगम ने दुकानदारों को दोबारा चेताया है कि वे सड़क या फुटपाथ पर किसी तरह का अस्थायी निर्माण न करें और दुकान का सामान बाहर रखकर रास्ता बाधित न करें। निगम ने साफ किया है कि दोबारा ऐसी स्थिति मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन थानों का पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी बड़े विवाद या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। तुकोगंज, सेंट्रल कोतवाली और एमजी रोड थाने से पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
रानीपुरा जैसे व्यस्त इलाके में निगम की कार्रवाई और दुकानदारों के विरोध ने एक बार फिर सड़क, फुटपाथ और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन का सवाल खड़ा किया है। निगम जहां यातायात और सार्वजनिक जगह खाली कराने की बात कह रहा है, वहीं कार्रवाई के दौरान दुकानदारों की नाराजगी भी सामने आई।
