
दिवाली से पहले इंदौर की सड़कों को गड्ढों से राहत देने की तैयारी, ठेकेदारों को महापौर की चेतावनी
त्योहारी सीजन में आवागमन आसान बनाने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम अधिकारियों को कॉलोनियों और बस्तियों में सड़क मरम्मत का काम दिवाली से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।

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त्योहारी खरीदारी और आवाजाही बढ़ने से पहले इंदौर की कॉलोनियों और बस्तियों में खराब सड़कों को दुरुस्त करने की तैयारी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिवाली से पहले गड्ढों की मरम्मत और विकास कार्यों के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की समीक्षा
नगर निगम में पार्षद निधि के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की वार्डवार समीक्षा की गई। बैठक में महापौर ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। पूर्ण, प्रगतिरत और लंबित कार्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महापौर परिषद के सदस्य, पार्षद, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, कार्यपालन यंत्री पी.एस. कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वर्क ऑर्डर के बाद काम अटका तो होगी कार्रवाई
महापौर ने कहा कि जिन विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, उन्हें शुरू कराने में देरी नहीं होनी चाहिए। काम बीच में छोड़ने या निर्धारित गति से पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
निर्देशों में उन सड़कों पर भी ध्यान देने को कहा गया है, जहां निर्माण या अन्य विकास गतिविधियों के दौरान खुदाई के बाद मरम्मत का काम अधूरा है। ऐसे स्थानों पर रेस्टोरेशन जल्द पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
त्योहार से पहले आवागमन सुगम बनाने पर जोर
दिवाली के दौरान बाजारों, कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों पर लोगों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में सड़क के गड्ढे और अधूरी मरम्मत यातायात के साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी परेशानी पैदा कर सकती है।
महापौर ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा। नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
अब समयसीमा पर रहेगी नजर
नगर निगम के सामने अब चुनौती यह है कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं। दिवाली से पहले मरम्मत और रेस्टोरेशन पूरा होने से शहरवासियों को राहत मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक स्थिति का आकलन काम पूरा होने और सड़कों की गुणवत्ता की जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

