इंदौर निगम ड्राइवर ने जहर खाने से पहले बनाया VIDEO, उधारी-ब्याज का दबाव और 4 लोगों के नाम
करीब 10 साल से नगर निगम में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे धर्मेंद्र धारू ने शनिवार को जहरीला पदार्थ लेने से पहले अपना VIDEO रिकॉर्ड किया। इसमें उन्होंने पैसों के विवाद, ब्याज और ड्यूटी से हटाए जाने की बात कहते हुए चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

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इंदौर में नगर निगम के ड्राइवर धर्मेंद्र धारू के जहर खाने का मामला अब उनके रिकॉर्ड किए गए VIDEO से जुड़ गया है। जहरीला पदार्थ लेने से पहले बनाए गए इस VIDEO में धर्मेंद्र ने अपनी परेशानी की वजह बताई और चार लोगों के नाम लिए। उनका आरोप है कि उधारी और ब्याज को लेकर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दो दिनों से उन्हें वाहन नहीं दिया गया और उन्हें ड्राइविंग ड्यूटी से हटा दिया गया।
धर्मेंद्र को परिजन गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें ICU में भर्ती किया गया है। पुलिस अब VIDEO, पैसों के लेन-देन और ड्यूटी से जुड़े घटनाक्रम को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है।
VIDEO में क्या बोले धर्मेंद्र?
धर्मेंद्र ने रिकॉर्डिंग में अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें पैसों और ब्याज को लेकर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी दौरान उन्होंने दुर्गेश शुक्ला, योगेश राठौर, सहायक सीएस भंवर धावरे और बंटी के नाम लिए। VIDEO में बंटी को एक अधिकारी का ड्राइवर बताया गया है।
धर्मेंद्र ने इन चारों लोगों को अपने साथ हुई परेशानी के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उनकी वजह से वह यह कदम उठा रहे हैं। हालांकि VIDEO में लगाए गए आरोप धर्मेंद्र का पक्ष हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ड्यूटी से हटाने की बात ने बढ़ाया मामला
इस पूरे घटनाक्रम में एक और बात सामने आई है। धर्मेंद्र का कहना है कि उन्हें लगातार दो दिनों तक वाहन नहीं दिया गया और उन्हें वाहन ड्यूटी से हटा दिया गया। उनका दावा है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।
अब पुलिस के लिए यह पता करना जरूरी होगा कि ड्यूटी से हटाए जाने की वजह क्या थी और इसका पैसों के विवाद से कोई संबंध था या नहीं। यही कड़ी VIDEO में कही गई बातों को समझने में अहम हो सकती है।
उधारी और ब्याज का विवाद कितना बड़ा?
प्रारंभिक जानकारी में मामला उधारी और उस पर ब्याज को लेकर बताया जा रहा है। धर्मेंद्र ने VIDEO में पैसों को लेकर परेशानी का जिक्र किया है, लेकिन कुल कितनी रकम का विवाद था और पैसा किससे लिया या दिया गया था, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
ऐसे में जांच का अगला हिस्सा आर्थिक लेन-देन पर रहेगा। पुलिस को यह भी देखना होगा कि VIDEO में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनके साथ धर्मेंद्र के पैसों से जुड़े संबंध क्या थे और उनके बीच पहले कोई बातचीत या विवाद हुआ था या नहीं।
एमवाय अस्पताल में इलाज, पुलिस को बयान का इंतजार
जहरीला पदार्थ लेने के बाद धर्मेंद्र की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ICU में उनका इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद पुलिस उनका बयान दर्ज कर सकती है। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इससे VIDEO में कही गई बातों के अलावा घटनाक्रम की पूरी पृष्ठभूमि सामने आ सकती है।
पुलिस VIDEO और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी
संयोगितागंज पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है। VIDEO की जांच के साथ पुलिस पैसों के विवाद, ड्यूटी से हटाए जाने और धर्मेंद्र द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि VIDEO में लगाए गए आरोपों के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या था। नाम लिए गए लोगों की भूमिका भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस की जांच अब इसी बात पर केंद्रित है कि धर्मेंद्र को इस कदम तक पहुंचाने वाली परिस्थितियां क्या थीं।