LIVE
ताज़ा समाचार लोड हो रहे हैं...
होम
अब मकान-दुकान का क्यूआर कोड बताएगा पूरा 'कच्चा-चिट्ठा': भोपाल में लागू होगी डिजिटल नंबर प्लेट, स्कैन करते ही दिखेगा टैक्स से लेकर अवैध निर्माण तक सब
अब मकान-दुकान का क्यूआर कोड बताएगा पूरा 'कच्चा-चिट्ठा': भोपाल में लागू होगी डिजिटल नंबर प्लेट, स्कैन करते ही दिखेगा टैक्स से लेकर अवैध निर्माण तक सबलोकस्वामी ग्राफिक्स
Indore
ई-पेपर

अब मकान-दुकान का क्यूआर कोड बताएगा पूरा 'कच्चा-चिट्ठा': भोपाल में लागू होगी डिजिटल नंबर प्लेट, स्कैन करते ही दिखेगा टैक्स से लेकर अवैध निर्माण तक सब

Digital News Desk3 min read12/10/26

भोपाल नगर निगम मकान, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को GPS आधारित QR कोड से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में संपत्ति कर, निर्माण की अनुमति और बकाया शुल्क जैसी जानकारियां डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। योजना लागू करने से पहले इंदौर और रायपुर के अनुभवों का अध्ययन किया जाएगा।

Lokswami AI

भोपाल में अब मकान या दुकान की पहचान सिर्फ पते और नंबर से नहीं, बल्कि एक डिजिटल कोड से जोड़ने की तैयारी है। भोपाल नगर निगम (BMC) ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसमें संपत्ति के बाहर लगने वाली QR कोड युक्त नंबर प्लेट स्कैन करने पर उससे जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से देखे जा सकेंगे। योजना का उद्देश्य संपत्तियों की पहचान, टैक्स आकलन और नगर निगम के रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी बनाना है।

हालांकि, यह व्यवस्था अभी प्रस्तावित चरण में है। इसे लागू करने से पहले नगर निगम दूसरे शहरों में अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करेगा।

स्कैन करते ही सामने आएगा संपत्ति का रिकॉर्ड

प्रस्तावित सिस्टम के तहत मकानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को GPS आधारित डिजिटल पहचान देने की योजना है। QR कोड को मोबाइल से स्कैन करने पर संबंधित संपत्ति की उपलब्ध जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर देखने की सुविधा मिल सकती है।

इसमें भवन का स्वीकृत नक्शा, निर्माण की अनुमति, मंजिलों की संख्या और दर्ज क्षेत्रफल जैसी जानकारियां शामिल करने का लक्ष्य है। इससे संपत्ति के आधिकारिक रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद निर्माण के बीच अंतर की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है।

टैक्स बकाया और भुगतान का ब्योरा भी होगा उपलब्ध

संपत्ति कर की गणना और वसूली नगर निगम के लिए अहम जिम्मेदारियों में शामिल है। प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था में प्रॉपर्टी टैक्स, जल कर और कचरा प्रबंधन शुल्क से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की योजना है।

यदि इन जानकारियों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता है, तो संपत्ति मालिक अपने बकाया शुल्क और भुगतान संबंधी विवरण आसानी से देख सकेंगे। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।

हालांकि, भुगतान की रसीद, लाइव बकाया और अन्य जानकारियां QR कोड से किस सीमा तक उपलब्ध होंगी, यह अंतिम तकनीकी व्यवस्था तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

जियो-टैग तस्वीरों से निर्माण पर रखी जा सकेगी नजर

संपत्ति के रिकॉर्ड को अपडेट रखना इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। इसके लिए भवनों की तस्वीरें जियो-टैगिंग के साथ डिजिटल डेटाबेस में दर्ज करने का प्रस्ताव है।

यदि किसी संपत्ति में अतिरिक्त मंजिल बनाई जाती है या स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण होता है, तो उपलब्ध रिकॉर्ड और नई तस्वीरों के मिलान से अंतर सामने आ सकता है। इससे नगर निगम को जांच के लिए संभावित मामलों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, केवल तस्वीर या QR कोड के आधार पर किसी निर्माण को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित अनुमति, स्वीकृत नक्शे और नियमानुसार जांच जरूरी होगी।

आपातकालीन सेवाओं के लिए भी उपयोगी हो सकती है व्यवस्था

डिजिटल संपत्ति पहचान का लाभ केवल टैक्स वसूली तक सीमित नहीं है। यदि नंबर प्लेट को सटीक लोकेशन और विश्वसनीय पते के रिकॉर्ड से जोड़ा जाता है, तो एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं को संबंधित स्थान तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।

इससे डिलीवरी सेवाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए भी पता खोजने की प्रक्रिया आसान होने की संभावना है। हालांकि, इसके लिए GPS डेटा की सटीकता और संबंधित सेवाओं के साथ तकनीकी एकीकरण महत्वपूर्ण होगा।

इंदौर और रायपुर के अनुभवों से सीखने की तैयारी

भोपाल नगर निगम इस योजना को लागू करने से पहले इंदौर और रायपुर में अपनाए गए डिजिटल नंबर प्लेट मॉडल का अध्ययन करेगा। दूसरे शहरों के अनुभवों से तकनीकी समस्याओं, खर्च और संचालन से जुड़ी चुनौतियों को समझने में मदद मिल सकती है।

नगर निगम प्रशासन के अनुसार, तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद ही भोपाल के लिए व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसका मकसद ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जिसे लंबे समय तक संचालित किया जा सके और जिसका लाभ नागरिकों के साथ नगर निगम को भी मिले।

अब किन सवालों के जवाब जरूरी हैं?

योजना को जमीन पर उतारने से पहले इसकी लागत, QR नंबर प्लेट लगाने वाली एजेंसी, परियोजना की समयसीमा और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी स्पष्ट होना जरूरी है। इसके साथ ही यह भी तय करना होगा कि नागरिकों की निजी जानकारी किस सीमा तक सार्वजनिक होगी और गलत रिकॉर्ड मिलने पर उसे सुधारने की प्रक्रिया क्या रहेगी।

फिलहाल भोपाल में QR कोड आधारित प्रॉपर्टी नंबर प्लेट लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लागू होने की समयसीमा और अंतिम सुविधाओं की जानकारी नगर निगम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

संबंधित खबरें

इंदौर में बनते थे ठगी के ऐप: 2,905 फर्जी APK बेचने के आरोपी पंकज गुप्ता गिरफ्तार, 9,673 लोग निशाने पर
Indore

इंदौर में बनते थे ठगी के ऐप: 2,905 फर्जी APK बेचने के आरोपी पंकज गुप्ता गिरफ्तार, 9,673 लोग निशाने पर

मुंबई क्राइम ब्रांच और खजराना थाना पुलिस ने इंदौर से पंकज गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वह साइबर ठगों को फर्जी APK फाइलें बनाकर बेचता था। जांच में अब तक 9,673 लोगों को निशाना बनाए जाने और करीब ₹15.75 करोड़ की ठगी सामने आई है।

पूरा खबर
इंदौर निगम ड्राइवर ने जहर खाने से पहले बनाया VIDEO, उधारी-ब्याज का दबाव और 4 लोगों के नाम
Indore

इंदौर निगम ड्राइवर ने जहर खाने से पहले बनाया VIDEO, उधारी-ब्याज का दबाव और 4 लोगों के नाम

करीब 10 साल से नगर निगम में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे धर्मेंद्र धारू ने शनिवार को जहरीला पदार्थ लेने से पहले अपना VIDEO रिकॉर्ड किया। इसमें उन्होंने पैसों के विवाद, ब्याज और ड्यूटी से हटाए जाने की बात कहते हुए चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

पूरा खबर
सरकारी अस्पतालों में पानी की जांच ने बढ़ाई चिंता, 15 सैंपल में 5 में E. coli; कई जलस्रोत जांच में फेल
Indore

सरकारी अस्पतालों में पानी की जांच ने बढ़ाई चिंता, 15 सैंपल में 5 में E. coli; कई जलस्रोत जांच में फेल

अस्पतालों में मरीजों के इलाज के साथ पीने के पानी की व्यवस्था भी जांच के घेरे में आ गई है। नगर निगम की लैब रिपोर्ट में अलग-अलग अस्पतालों के बोरवेल, RO और वाटर कूलर से लिए गए नमूनों में बैक्टीरियल कंटैमिनेशन सामने आया।

पूरा खबर
छावनी में फिर चला नगर निगम का बुलडोजर, मथुरावाला बिल्डिंग समेत कई बाधक हिस्से हटाए
Indore

छावनी में फिर चला नगर निगम का बुलडोजर, मथुरावाला बिल्डिंग समेत कई बाधक हिस्से हटाए

मास्टर प्लान के रोड चौड़ीकरण में अटके हिस्सों को हटाने के लिए नगर निगम ने शुक्रवार को छावनी में दोबारा कार्रवाई की। तीन पोकलेन और दो जेसीबी के साथ पहुंचे अमले ने मथुरावाला बिल्डिंग सहित कई मकानों और प्रतिष्ठानों के बाधक हिस्से हटाए।

पूरा खबर