CM के परिचित का मोबाइल लूटा, FIR पर सवाल! इंदौर में शिकायत के बाद 10 थानों की पुलिस तलाश रही बदमाश
इंदौर में बाइक सवार बदमाशों ने उज्जैन निवासी अनमोल वर्मा का महंगा मोबाइल लूट लिया। शिकायत लेकर पलासिया थाने पहुंचे अनमोल की FIR दर्ज नहीं होने का मामला मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर 10 थानों की टीमें मोबाइल लूटने वाले बदमाशों की तलाश में जुट गई हैं।

Audio tools for this article
इंदौर में मोबाइल लूट की एक वारदात ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि पीड़ित को मुख्यमंत्री मोहन यादव का परिचित बताया जा रहा है। 31 अगस्त को मोबाइल लूटे जाने के बाद शिकायत थाने पहुंची, लेकिन FIR दर्ज होने के बजाय आवेदन लिए जाने की बात सामने आई। अगले दिन मामला मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा तो पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
अब एक मोबाइल की तलाश में इंदौर के 10 थानों की पुलिस टीमें लगाई गई हैं। CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाइक सवार बदमाशों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
मंदिर क्षेत्र में बाइक सवारों ने छीना मोबाइल
उज्जैन निवासी अनमोल वर्मा निजी काम से इंदौर आए थे। 31 अगस्त को इंद्रदेव महादेव मंदिर क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने उनका मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद अनमोल पलासिया थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। आरोप है कि उस समय FIR दर्ज नहीं की गई और केवल आवेदन लेकर उन्हें लौटा दिया गया।
CM हाउस तक पहुंचा मामला, अफसर हुए एक्टिव
शिकायत के बाद 1 सितंबर को मामला उज्जैन स्थित मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा। वहां से इंदौर पुलिस कमिश्नर और DCP स्तर के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आते ही जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसके बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को बदमाशों की तलाश में लगाया गया।
यह भी देखा जा रहा है कि वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक और आरोपियों की गतिविधियों के बारे में आसपास के इलाकों से क्या सुराग मिलते हैं।
CCTV में कैद हुए बदमाश, बायपास तक तलाश
पुलिस को वारदात से जुड़े CCTV फुटेज मिले हैं। इन फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी टीम मोबाइल और आरोपियों की लोकेशन से जुड़े संभावित सुराग भी खंगाल रही है।
फिलहाल पुलिस ने बायपास और उससे जुड़े इलाकों में भी आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
उसी दिन हुई दूसरी मोबाइल लूट ने बढ़ाई जांच की अहमियत
पुलिस को इसी क्षेत्र में 31 अगस्त को मोबाइल लूट की एक और वारदात की जानकारी मिली है। ऐसे में दोनों मामलों के बीच कनेक्शन की जांच की जा रही है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गैंग था या अलग-अलग बदमाशों ने वारदात की। इसके लिए दोनों मामलों के CCTV फुटेज, घटनास्थल और बदमाशों के तौर-तरीकों की तुलना की जा रही है।
ACP नीति दंडोतिया की निगरानी में जांच
मामले की जांच पर ACP नीति दंडोतिया नजर बनाए हुए हैं। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दिशा में काम कर रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल मोबाइल लूटने वाले बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी का है। साथ ही, शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज नहीं किए जाने की बात भी इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
