समझौते के बहाने दिल्ली बुलाया, फिर गोलियों से छलनी किया... गुड्डू बादशाह हत्याकांड में 5 राज्यों तक दौड़ी पुलिस, 8 गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, पुरानी रंजिश के चलते गुड्डू को समझौते के बहाने दिल्ली बुलाया गया और फिर किराए के ठिकाने पर गोली मार दी गई। वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे, जिनका पीछा करते हुए पुलिस ने पांच राज्यों में करीब 12 हजार किलोमीटर की दूरी तय की।

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जिस शख्स को समझौते की उम्मीद में बिहार से दिल्ली बुलाया गया, वही मुलाकात उसकी जिंदगी की आखिरी मुलाकात बन गई। दक्षिणी दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर इलाके में बिहार के सुपौल निवासी गुड्डू बादशाह की हत्या की गुत्थी सवा महीने की जांच के बाद पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, पुरानी रंजिश में तैयार की गई साजिश के तहत गुड्डू को दिल्ली बुलाया गया और सुनसान ठिकाने पर ले जाकर गोली मार दी गई।
हत्या के बाद मामला और पेचीदा हो गया। आरोपी मोबाइल बंद कर अलग-अलग जगहों पर छिपते रहे। पुलिस को एक आरोपी ऐसा भी मिला, जिसने खुद को वारदात का पीड़ित बताया था। लेकिन उसकी कहानी और तकनीकी साक्ष्यों के बीच अंतर ने जांच की दिशा बदल दी।
समझौते का झांसा, दिल्ली पहुंचते ही बदल गया खेल
पुलिस की जांच के अनुसार, गुड्डू बादशाह को पुरानी रंजिश खत्म करने और समझौते की बात कहकर बिहार से दिल्ली बुलाया गया था। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर इलाके में एक किराए के ठिकाने पर ले जाया गया।
यहीं बातचीत के बजाय कथित तौर पर हमला हुआ और गुड्डू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से निकल गए और अपने पीछे पुलिस के लिए सुरागों की उलझी हुई कड़ी छोड़ गए।
घायल फारुख ने बताया खुद को पीड़ित, फिर उसी पर घूमी जांच
इस केस में पुलिस का शक तब गहराया, जब उसने गुड्डू के परिचित फारुख की भूमिका को खंगालना शुरू किया। वारदात के दौरान फारुख भी घायल हुआ था और शुरुआती तौर पर उसने खुद को घटना का पीड़ित बताते हुए पुलिस को जानकारी दी।
लेकिन बाद की जांच में उसकी बताई कहानी और कॉल रिकॉर्ड समेत तकनीकी साक्ष्यों में कथित तौर पर अंतर मिला। इसके बाद पुलिस ने फारुख की भूमिका को भी साजिश के एंगल से जांचना शुरू किया।
पुलिस के मुताबिक, शमशाद और अशफाक ने इंटरनेट कॉल के जरिए हत्या की योजना तैयार की थी। इसके बाद कथित साजिश में दूसरे लोगों को जोड़ा गया।
मोबाइल बंद किए, ठिकाने बदलते रहे
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और लगातार लोकेशन बदलते रहे। इससे जांच टीम के सामने सिर्फ आरोपियों की पहचान ही नहीं, बल्कि उन्हें ट्रैक करने की चुनौती भी खड़ी हो गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और दूसरी तकनीकी जानकारी को जोड़ते हुए उनकी आवाजाही की कड़ियां तलाशनी शुरू कीं। जांच आगे बढ़ी तो टीमों को एक के बाद एक अलग राज्यों तक जाना पड़ा।
12 हजार किलोमीटर का पीछा, 5 राज्यों में दबिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की तलाश में टीमों ने करीब 12 हजार किलोमीटर की दूरी तय की और पांच राज्यों में दबिश दी।
एक ठिकाने से दूसरे ठिकाने तक भाग रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीकी निगरानी के साथ जमीनी स्तर पर भी लगातार कार्रवाई की। आखिरकार जांच टीम ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फारुख, आफताब, इरफान, शमशाद, अशफाक, रहमतुल्लाह उर्फ छोटू, अमन यादव और शोएब अख्तर के रूप में बताई गई है।
पिस्टल, मैगजीन और कारतूस मिले
पुलिस ने एक आरोपी की निशानदेही पर पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद करने का दावा किया है। अब जांच का अगला अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल गुड्डू बादशाह की हत्या में हुआ था या नहीं।
पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और हथियारों की भूमिका भी खंगाल रही है। साथ ही पुरानी रंजिश की असल वजह और हत्या की पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
अब साजिश के पीछे की पूरी कहानी पर नजर
आठ गिरफ्तारियों के बाद पुलिस के सामने हत्या की एक तस्वीर जरूर बनी है, लेकिन जांच अभी खत्म नहीं हुई है। गुड्डू को दिल्ली बुलाने की योजना किसने बनाई, इंटरनेट कॉल के जरिए किस तरह संपर्क हुआ और वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया—इन सवालों के जवाब केस की अगली कड़ियों को जोड़ेंगे।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि सवा महीने तक चली जांच में आरोपियों तक पहुंचने के लिए पांच राज्यों और करीब 12 हजार किलोमीटर का सफर तय किया गया। अब नजर इस बात पर है कि पूछताछ और बरामदगी से इस गैंगवार की पूरी कहानी कितनी साफ होती है।
