होटल की पार्किंग में कोकीन की ‘ड्रॉप डिलीवरी’! इंदौर आई नाइजीरियन युवती, कार-डस्टबिन में छोड़ती थी पैकेट
इंदौर में 57.18 ग्राम कोकीन के साथ पकड़ी गई नाइजीरियन युवती से पूछताछ में पुलिस को ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक अगस्त में वह तीन बार इंदौर आई और निपानिया की एक होटल की पार्किंग में तय जगहों पर कोकीन के पैकेट छोड़ती थी। मुंबई से जुड़े नेटवर्क और डिलीवरी लेने वालों की तलाश जारी है।

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इंदौर में कोकीन की सप्लाई का तरीका सामने आने के बाद पुलिस की जांच अब सिर्फ पकड़ी गई युवती तक सीमित नहीं रही है। पुलिस के अनुसार, डिलीवरी के लिए आमने-सामने मुलाकात तक नहीं होती थी। WhatsApp कॉल पर जगह और तरीका बताया जाता था और इसके बाद पैकेट कार, डस्टबिन या किसी तय स्थान पर छोड़ दिया जाता था।
चंदननगर पुलिस ने सिंहासा इलाके से नाइजीरियन युवती इम्यूनल जाय को 57.18 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ और मोबाइल डेटा की जांच के बाद पुलिस को उसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
तीन बार इंदौर आई, हर बार अलग तरीके से छोड़ा पैकेट
पुलिस के मुताबिक अगस्त महीने में युवती तीन बार इंदौर आई थी। हर बार उसे निपानिया क्षेत्र की एक बड़ी होटल की पार्किंग में डिलीवरी करने के निर्देश मिले।
डिलीवरी का तरीका पहले से तय होता था। कभी पैकेट किसी कार में रखने को कहा जाता, तो कभी डस्टबिन या किसी निर्धारित स्थान पर छोड़ने का निर्देश मिलता। खास बात यह थी कि उसे पैकेट लेने वाले व्यक्ति से सीधे संपर्क नहीं करना था।
इस तरीके का मकसद डिलीवरी देने वाले और लेने वाले के बीच सीधा संपर्क खत्म रखना बताया जा रहा है।
मुंबई से मिलता था माल, कैप्सूल में छिपाकर देते थे
पुलिस की जांच में इस नेटवर्क का कनेक्शन मुंबई तक पहुंचा है। मोबाइल डेटा से मिले सुराग के आधार पर नाला सोपारा में दबिश देकर एक अन्य नाइजीरियन युवक को पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि इम्यूनल जाय कोकीन सीधे मुख्य सप्लायर से नहीं मिलती थी। एजेंट उसे कैप्सूल के जरिए कोकीन उपलब्ध कराते थे। इसके बाद WhatsApp कॉल पर इंदौर पहुंचने और डिलीवरी लोकेशन की जानकारी दी जाती थी।
युवती करीब सात महीने पहले बिजनेस वीजा पर भारत आई थी और मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अपनी बहन के साथ रह रही थी। पुलिस अब उसके भारत आने के बाद की गतिविधियों और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।
CCTV से बचने के लिए भी बताए गए तरीके
पुलिस के अनुसार, डिलीवरी करने से पहले युवती को अपनी पहचान छिपाने और CCTV कैमरों की नजर से बचने के तरीके बताए गए थे। उसे किसी ग्राहक से बातचीत या मुलाकात नहीं करनी होती थी।
निर्देश मिलने के बाद तय स्थान पर पहुंचना, पैकेट छोड़ना और वहां से निकल जाना ही उसका काम बताया जा रहा है। पुलिस अब होटल की पार्किंग और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज से उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर इन डिलीवरी को रिसीव किया।
इंदौर में कौन ले रहा था कोकीन? अब इस सवाल पर जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल इंदौर में इस नेटवर्क के स्थानीय संपर्कों को लेकर है। पुलिस यह पता लगा रही है कि अगस्त में तीनों डिलीवरी किसके लिए थीं और होटल की पार्किंग में इन पैकेटों को लेने कौन पहुंचता था।
इसके अलावा मुंबई से जुड़े लोगों, युवती के मोबाइल संपर्कों और कथित सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
कथित सरगना विदेश जा चुका, नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
पुलिस को पूछताछ में एक ऐसे नाइजीरियन व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिलने की बात कही गई है, जिसे नेटवर्क का कथित सरगना माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह भारत आने के बाद वापस जा चुका है।
फिलहाल चंदननगर पुलिस उसके संभावित साथियों, मुंबई कनेक्शन और इंदौर में कोकीन लेने वाले लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पूछताछ में सामने आए आरोपों और नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि पुलिस की आगे की जांच और साक्ष्यों से होगी।
