इंदौर में नौकरी के नाम पर 2.73 लाख की ठगी, पहले इंटरव्यू फिर नियुक्ति पत्र; कोर्स के नाम पर ऐंठी रकम
इंदौर के लसूड़िया इलाके में नौकरी दिलाने के नाम पर एक बेरोजगार युवक से 2.73 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। युवक को मोबाइल पर इंटरव्यू के बाद कंपनी के नाम से नियुक्ति पत्र भेजा गया और फिर अलग-अलग कोर्स व सर्टिफिकेट के नाम पर रकम जमा कराई गई। नौकरी नहीं मिली तो फोन और ई-मेल का जवाब भी बंद हो गया।

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नौकरी की तलाश में ऑनलाइन रिज्यूम अपलोड करना इंदौर के एक युवक को भारी पड़ गया। पहले उसे नौकरी का ऑफर मिला, मोबाइल पर इंटरव्यू हुआ और कंपनी के नाम से नियुक्ति पत्र भी भेज दिया गया। इसके बाद शुरू हुआ पैसे जमा कराने का सिलसिला।
अलग-अलग कोर्स और सर्टिफिकेट के नाम पर युवक से कुल करीब 2.73 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए। जब रकम जमा हो गई और जॉइनिंग का समय आया तो संपर्क करने वाले लोगों ने फोन और ई-मेल का जवाब देना ही बंद कर दिया।
लसूड़िया पुलिस ने पिंटू दास की शिकायत पर मंगलवार रात अज्ञात मोबाइल धारक और तीन से अधिक बैंक खाताधारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
नौकरी के लिए CV अपलोड किया, फिर आया कॉल
पुलिस के मुताबिक पिंटू वर्ष 2025 से बेरोजगार है और नौकरी की तलाश कर रहा था। उसने नौकरी डॉट कॉम पर अपना रिज्यूम अपलोड किया था।
कुछ समय बाद सिद्धार्थ नाम के व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। उसने खुद को मुंबई स्थित केएनके बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड का टैलेंट एक्विजिशन स्पेशलिस्ट बताया।
बातचीत के बाद मोबाइल फोन पर ही इंटरव्यू लिया गया। इसके बाद युवक को कंपनी के नाम से नियुक्ति पत्र भेज दिया गया।
नियुक्ति पत्र के बाद शुरू हुई पैसों की मांग
पिंटू के मुताबिक नियुक्ति पत्र में तीन कोर्स करने की जानकारी दी गई थी। कुछ समय बाद उससे इन कोर्स के सर्टिफिकेट के लिए 70 हजार रुपए मांगे गए।
युवक ने बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद उसे एक एनरोलमेंट नंबर दिया गया। कंपनी की ई-मेल आईडी से भी कोर्स से संबंधित मेल आने की बात शिकायत में कही गई है।
यहीं से युवक को लगा कि नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
डेढ़ लाख जमा कराने के बाद भी मांगे और पैसे
कुछ समय बाद पिंटू को बताया गया कि तीनों कोर्स की कुल फीस करीब डेढ़ लाख रुपए है। उसे एक अन्य बैंक खाते की जानकारी दी गई, जिसमें उसने 1.50 लाख रुपए ऑनलाइन जमा कर दिए।
इसके बाद उसका ऑनलाइन एग्जाम कराया गया और एनरोलमेंट नंबर भी दिया गया। इससे उसे नौकरी की प्रक्रिया वास्तविक होने का भरोसा बना रहा।
लेकिन इसके बाद एक और मांग सामने आई।
53 हजार और जमा कराए, फिर संपर्क टूट गया
कंपनी की ओर से एक और ई-मेल भेजे जाने का आरोप है। इसमें एक अन्य कोर्स के लिए 53 हजार रुपए जमा करने को कहा गया।
पिंटू ने यह रकम भी दूसरे बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। इस तरह अलग-अलग चरणों में उससे कुल करीब 2.73 लाख रुपए जमा करा लिए गए।
इसके बाद भी नौकरी की जॉइनिंग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
पैसे वापस करने का भरोसा, फिर फोन और मेल बंद
जॉइनिंग नहीं मिलने पर पिंटू ने कंपनी के मोबाइल नंबर और ई-मेल के जरिए संपर्क करने की कोशिश की। शिकायत के मुताबिक उसे बताया गया कि अगर कोर्स और नौकरी नहीं मिलती है तो पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
लेकिन कुछ समय बाद जवाब मिलना बंद हो गया। फोन कॉल भी रिसीव नहीं किए गए।
इसके बाद युवक को ठगी का शक हुआ और उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खातों और मोबाइल नंबर की जांच
लसूड़िया पुलिस ने मामले में अज्ञात मोबाइल धारक के साथ तीन से अधिक बैंक खातों के खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अब पुलिस उन बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल नंबरों और आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए संपर्क माध्यमों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरीके से और कितने लोगों को निशाना बनाया गया।