
दिल्ली में ‘2:11’ का रहस्य! 15 अगस्त से पहले हाईकोर्ट से एयरपोर्ट तक बम की धमकी, पहले भी इसी वक्त आया था मेल
15 अगस्त से ठीक पहले दिल्ली हाईकोर्ट, IGI एयरपोर्ट और कई संवेदनशील ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले आए धमकी वाले मेल में भी दोपहर 2:11 बजे का ही समय लिखा गया था।

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नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में ऐसा ईमेल पहुंचा जिसने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हरकत में ला दिया। हाईकोर्ट को भेजे गए धमकी भरे संदेश में सिर्फ विस्फोट का दावा नहीं था, बल्कि समय भी तय लिखा था—दोपहर 2 बजकर 11 मिनट। मामला तब और दिलचस्प हो गया जब जांच में याद आया कि 3 अगस्त को मेयर कार्यालय को मिले एक दूसरे धमकी भरे मेल में भी यही समय सामने आया था। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि धमकी असली है या फर्जी, बल्कि यह भी है कि बार-बार ‘2:11’ ही क्यों लौट रहा है?
हाईकोर्ट को मिला धमकी वाला मेल
दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसमें दोपहर 2:11 बजे विस्फोट होने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही परिसर में सुरक्षा जांच तेज की गई और तय प्रोटोकॉल के तहत संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं। दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव कुणाल मल्होत्रा ने शुरुआती तौर पर धमकी के फर्जी होने की आशंका जताई, लेकिन 15 अगस्त से पहले मिले इस तरह के संदेश को हल्के में नहीं लिया गया।
एयरपोर्ट समेत कई ठिकानों के नाम सामने आए
मामला सिर्फ हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहा। जामनगर हाउस, झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, साकेत क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यालय, दिल्ली कैंट स्थित SDM कार्यालय और IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 को लेकर भी धमकी की सूचना सामने आई। इसके बाद पुलिस, फायर सर्विस और सुरक्षा टीमों को संबंधित जगहों पर भेजा गया और जांच बढ़ाई गई।
फिर वही ‘2:11’—यहीं से बढ़ा रहस्य
इस पूरी कहानी की सबसे बड़ी कड़ी समय है। 3 अगस्त को दिल्ली मेयर कार्यालय को मिले धमकी भरे ईमेल में भी दोपहर 2:11 बजे विस्फोट होने का दावा किया गया था। उस दिन भी कई स्कूलों और दूसरे संस्थानों की तलाशी हुई थी, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अब हाईकोर्ट वाले मेल में वही समय दोहराए जाने के बाद एजेंसियां यह देख रही हैं कि क्या दोनों ईमेल के बीच कोई डिजिटल कनेक्शन है या कोई एक ही पैटर्न पर लगातार धमकियां भेज रहा है।
15 अगस्त से पहले टाइमिंग ने बढ़ाई चिंता
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राष्ट्रीय समारोह होना है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इसी वजह से दिल्ली में पहले से ही अतिरिक्त सुरक्षा तैनात है। प्रमुख सरकारी इमारतों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, भीड़भाड़ वाले इलाकों और शहर के प्रवेश-निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है। ऐसे में हाईकोर्ट और एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील ठिकानों का नाम धमकी में सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया।
फर्जी धमकी भी सिस्टम को दौड़ा देती है
ऐसी कई धमकियां बाद में फर्जी निकलती रही हैं, लेकिन हर मेल पर पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर टीम को मौके पर पहुंचना पड़ता है। यानी भले ही कोई विस्फोटक न मिले, फिर भी एक ईमेल पूरे सुरक्षा सिस्टम को घंटों तक व्यस्त कर सकता है। यही वजह है कि होक्स मेल भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए छोटी बात नहीं माने जाते।
अब जांच मेल भेजने वाले तक जाएगी
अब एजेंसियों के सामने सबसे अहम काम यह पता लगाना है कि धमकी वाला ईमेल कहां से भेजा गया, उसका डिजिटल रूट क्या था और पुराने 2:11 वाले मेल से कोई समानता मिलती है या नहीं। अगर दोनों संदेशों में तकनीकी पैटर्न मिलता है तो यह मामला अलग-अलग धमकियों से बढ़कर एक संगठित शृंखला की तरफ जा सकता है।
सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है
फिलहाल किसी विस्फोटक की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। लेकिन दिल्ली को बार-बार एक ही समय के नाम पर डराने की कोशिश ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है—धमकी बदल रही है, जगह बदल रही है, लेकिन ‘2:11’ क्यों नहीं बदल रहा?



