CM Mohan Yadav Independence Day Speech: 1 लाख रोजगार, हर जिले में MSME Park
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर रोजगार, उद्योग, कौशल, स्वास्थ्य और किसानों को लेकर कई बड़े ऐलान किए। सरकार ने 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किया है, जबकि हर जिले में MSME पार्क और चार fast-track courts की भी घोषणा की गई है।

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भोपाल। लाल परेड मैदान में तिरंगा फहराने और परेड की सलामी लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के नाम अपने संदेश में आने वाले वर्षों की सरकारी प्राथमिकताओं का खाका रखा। रोजगार से लेकर उद्योग, प्रतियोगी परीक्षाओं से स्वास्थ्य व्यवस्था और किसानों के मुआवजे तक कई ऐसे लक्ष्य घोषित किए गए, जिनकी अगली असली परीक्षा अब बजट, भर्ती कैलेंडर और जमीन पर क्रियान्वयन से होगी।
हर साल एक लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय सेवा में नियुक्ति दे चुकी है। आगे हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में प्रवेश और हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने की बात कही गई।
सरकार एक अलग नियुक्ति सहायता प्रकोष्ठ भी बनाएगी, जो उद्योगों और प्रशिक्षित युवाओं के बीच समन्वय का काम करेगा।
यहां सबसे अहम सवाल रोजगार के स्वरूप का है। नियमित सरकारी भर्ती, संविदा पद, सार्वजनिक उपक्रम और अन्य रोजगार श्रेणियों में कितना हिस्सा किसका होगा, इसका विभागवार विवरण अभी सामने आना बाकी है।
2027 होगा युवा वर्ष
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 2027 को मध्यप्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
सरकार ने 2025 को निवेश एवं रोजगार वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में रखा था। अब अगले साल युवाओं से जुड़ी नीति को शिक्षा, कौशल, उद्यमिता, रोजगार, नवाचार, खेल और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों से जोड़ने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने गरीब, युवा, नारी और किसान के साथ उद्योग और अधोसंरचना को जोड़कर राज्य की नई विकास प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया।
हर जिले में लघु उद्योग पार्क, 10 नए समूह
उद्योग और रोजगार को जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले में एक लघु उद्योग पार्क विकसित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 10 नए औद्योगिक समूह बनाने की योजना है। भोपाल में इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से नया केंद्र स्थापित करने की बात भी कही गई।
सरकार ने प्रदेश में नवउद्यमों की संख्या 12 हजार से अधिक करने और 100 नए नवाचार केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा है।
इस घोषणा का अगला महत्वपूर्ण चरण जिलेवार जमीन, निवेश, उद्योग की श्रेणी और समयसीमा तय होना होगा। हर जिले में पार्क बनाने का लक्ष्य तभी मापने योग्य होगा, जब औद्योगिक जमीन और मूलभूत सुविधाओं का स्पष्ट रोडमैप जारी होगा।
1 नवंबर से मरीजों की जांच कागजरहित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े डिजिटल बदलाव की घोषणा की। सरकार का लक्ष्य है कि 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच प्रक्रिया को पूरी तरह कागजरहित बनाया जाए।
मरीजों की चिकित्सा जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने और जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले तीन महीनों में एक हजार नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है और आने वाले छह महीनों में एक हजार और डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे। राज्य में एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने का फैसला भी बताया गया है।
अब स्वास्थ्य विभाग को यह साफ करना होगा कि यह व्यवस्था किन अस्पतालों से शुरू होगी, मरीजों का रिकॉर्ड किस व्यवस्था में रखा जाएगा और बड़े सरकारी अस्पतालों में इसे कैसे लागू किया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के मामलों के लिए चार त्वरित न्यायालय
युवाओं से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण घोषणा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित मामलों को लेकर हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे विवादों और प्रकरणों के जल्द निपटारे के लिए चार त्वरित न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं, परिणाम और चयन विवादों के अदालतों तक पहुंचने के बीच यह घोषणा महत्वपूर्ण है। हालांकि इन न्यायालयों की जगह, अधिकार क्षेत्र, स्थापना की समयसीमा और किन मामलों को इनमें भेजा जाएगा, इसका आदेश अभी आना बाकी है।
किसानों की जमीन अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लागू किया गया है।
उन्होंने 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए किसानों से जुड़ी सुरक्षा और राहत योजनाओं का भी उल्लेख किया।
यह घोषणा आने वाली सड़क, उद्योग और अन्य बड़ी परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भूमि अधिग्रहण राज्य की कई परियोजनाओं में सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक रहा है।
सभी 55 जिलों की निर्यात कार्ययोजना तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा और सभी 55 जिलों की निर्यात कार्ययोजनाएं तैयार की जा चुकी हैं।
इसके साथ सरकार ने 2027 में फिर वैश्विक निवेशक सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है।
अब असली सवाल यह होगा कि जिलेवार निर्यात योजना में किन उत्पादों और उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है और पिछले निवेश सम्मेलनों में आए प्रस्तावों में कितना निवेश जमीन पर उतरा।
समान नागरिक संहिता पर भी दोहराई दिशा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हालांकि जब तक विधेयक, नियम या अधिसूचित व्यवस्था सामने नहीं आती, इसे लागू मानना सही नहीं होगा।
घोषणाएं बड़ी हैं, अब दस्तावेज तय करेंगे असली तस्वीर
स्वतंत्रता दिवस का भाषण आने वाले वर्षों की राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकताएं साफ करता है, लेकिन अब पांच दस्तावेज सबसे महत्वपूर्ण होंगे—एक लाख वार्षिक रोजगार का विभागवार कैलेंडर, जिलेवार लघु उद्योग पार्क की कार्ययोजना, चार त्वरित न्यायालयों की अधिसूचना, 1 नवंबर से कागजरहित स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्ययोजना और 2027 युवा वर्ष का बजट तथा कार्यक्रम।
इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि कौन-सी घोषणा तुरंत नीति में बदलती है और कौन-सी अभी लक्ष्य के स्तर पर है।


