
D-Mart से 200 किलो घी जब्त, Pizza सेंटरों का पनीर भी जांच के घेरे में; जबलपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
जबलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने D-Mart, Blinkit, डेयरी और पिज्जा सेंटरों पर जांच की। 215 किलो घी और 25 किलो पनीर जब्त कर नमूने भोपाल लैब भेजे गए हैं।

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जबलपुर। शहर में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल उठाते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई प्रतिष्ठानों पर एक साथ जांच की। बुधवार रात से गुरुवार तक चली कार्रवाई में D-Mart स्टोर्स, Blinkit, डेयरी और पिज्जा सेंटरों को खंगाला गया। मिलावट की आशंका पर 215 किलो घी और 25 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत करीब ₹1.54 लाख बताई गई है। अब असली फैसला भोपाल की लैब रिपोर्ट करेगी कि सामान मानक पर खरा था या नहीं।
D-Mart के दो स्टोर से 200 किलो घी जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के मुताबिक तिलहरी और विजय नगर स्थित D-Mart स्टोर्स से करीब 200 किलो श्रीधी घी जब्त किया गया। इसकी कीमत लगभग ₹1.40 लाख बताई गई है। घी के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
यहां एक बात साफ है—जब्ती का मतलब यह नहीं कि घी मिलावटी साबित हो चुका है। फिलहाल कार्रवाई संदेह और गुणवत्ता परीक्षण के आधार पर की गई है।
Blinkit स्टोर से भी 15 लीटर घी उठाया
तिलहरी स्थित Blinkit स्टोर से करीब 15 लीटर गोवर्धन काऊ घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग ₹14 हजार बताई गई है। इसका भी नमूना लैब जांच के लिए भेजा जाएगा।
Pizza सेंटरों के पनीर पर भी नजर
कार्रवाई सिर्फ घी तक सीमित नहीं रही। टीम ने ग्वारीघाट और रसल चौक स्थित Domino’s Pizza सेंटरों के साथ सिविक सेंटर के गोविंदा पिज्जा सेंटर का भी निरीक्षण किया। यहां इस्तेमाल किए जा रहे पनीर के नमूने लिए गए।
विजय नगर स्थित राजा डेयरी से भी पनीर का सैंपल उठाया गया। यानी जांच का फोकस यह जानने पर है कि शहर में बड़े ब्रांड से लेकर स्थानीय दुकानों तक पनीर की गुणवत्ता वास्तव में कैसी है।
शिवम डेयरी से 25 किलो पनीर जब्त
निवाड़गंज स्थित शिवम डेयरी में संदेह के आधार पर 25 किलो पनीर जब्त किया गया। उसका नमूना भी प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। फिलहाल विभाग ने किसी प्रतिष्ठान पर अंतिम दोष तय नहीं किया है।
अब लैब रिपोर्ट खोलेगी असली सच
सभी नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। वहीं यह तय होगा कि घी और पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या उनमें कोई कमी, मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी है।
रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इसलिए अभी सबसे बड़ा सवाल यह नहीं कि किस दुकान से क्या मिला, बल्कि यह है कि जो घी और पनीर रोज ग्राहक खरीद रहे हैं, वह जांच में पास होता है या फेल?



