
Top 5 National News: पिनराई विजयन को ED का समन, आडवाणी अस्पताल में भर्ती समेत देश की 5 बड़ी खबरें
17 अक्टूबर की बड़ी राष्ट्रीय खबरों में ED द्वारा पिनराई विजयन को समन, वरिष्ठ BJP नेता लालकृष्ण आडवाणी का अस्पताल में भर्ती होना और रूसी तेल से जुड़े अमेरिकी टैरिफ प्रावधान में भारत को राहत प्रमुख हैं। जनगणना में निजी शिक्षकों की तैनाती और IDBI में सरकारी हिस्सेदारी पर वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण भी अहम घटनाक्रम हैं।

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17 अक्टूबर 2026 को देश में राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्रशासन से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आईं। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ED ने समन भेजा है, जबकि BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा अमेरिका के रूस संबंधी कानून, जनगणना और IDBI Bank को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं।
1. पिनराई विजयन को ED का समन
ED ने CMRL से जुड़े कथित ₹3.28 करोड़ के रिश्वत मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को समन भेजा है। यह कार्रवाई केरल हाईकोर्ट द्वारा FIR दर्ज करने के आदेश को बरकरार रखने और सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद सामने आई है। विजयन को पूछताछ के लिए 23 अक्टूबर को बुलाए जाने की जानकारी है।
2. लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अस्पताल में भर्ती
BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
3. रूसी तेल से जुड़े अमेरिकी टैरिफ प्रावधान में भारत को राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की शक्ति देने वाले प्रावधान के तहत प्रतिबंध लागू करने से छूट दी है। इस प्रावधान के दायरे में भारत भी आ सकता था।
4. जनगणना में निजी स्कूलों के शिक्षक भी बन सकेंगे enumerator
जनगणना नियमों में बदलाव के बाद निजी स्कूलों के शिक्षकों और संस्थाओं, सोसायटी तथा ट्रस्ट से जुड़े लोगों को भी Census enumerator के रूप में नियुक्त करने का रास्ता खुला है। आगामी जनगणना के Population Enumeration चरण के लिए करीब 34 लाख enumerators की जरूरत बताई गई है।
5. IDBI में सरकारी हिस्सेदारी पर वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण
वित्त मंत्रालय ने IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय के मुताबिक 2003 में सरकारी हिस्सेदारी के dilution को सीमित करने के लिए लाया गया संशोधन संसद में स्वीकार नहीं हुआ था और वह अंतिम कानून का हिस्सा नहीं बना।


