UN में हाफिज सईद पर सवाल, शहबाज शरीफ ने नहीं दिया जवाब; पत्रकार ने पूछा- आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?
न्यूयॉर्क में UN मुख्यालय पहुंचने के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से हाफिज सईद और आतंकवाद को लेकर सवाल किए गए। अंदर जाते और बाहर निकलते समय पूछे गए सवालों पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से आतंकवाद को लेकर सीधे सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने जवाब देना उचित नहीं समझा। पत्रकार ने पहले पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का सवाल किया और बाद में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर पूछा। दोनों मौकों पर शहबाज बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
UN पहुंचते ही पूछा- आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?
शहबाज शरीफ जब UN मुख्यालय में दाखिल हो रहे थे, तभी पत्रकार ने उनसे पूछा- “प्रधानमंत्री, आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” शहबाज ने सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
बाद में जब वे UN मुख्यालय से बाहर निकले तो पत्रकार ने फिर सवाल किया कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर कार्रवाई कब करेगा। इस सवाल पर भी शहबाज ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
हाफिज सईद पर भारत में भी गंभीर मामले
हाफिज सईद भारत के लिए लंबे समय से आतंकवाद से जुड़े मामलों में प्रमुख नाम रहा है। भारत के गृह मंत्रालय की UAPA के तहत नामित व्यक्तिगत आतंकवादियों की सूची में उसका नाम शामिल है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची में भी हाफिज सईद दर्ज है और UN के रिकॉर्ड में उसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख बताया गया है।
26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े मामले में भी उसका नाम आरोपी के तौर पर सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा को 2008 के मुंबई हमलों समेत कई आतंकी गतिविधियों से जोड़ा गया है।
पहलगाम केस में NIA की चार्जशीट में भी नाम
हाफिज सईद का नाम अब पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी शामिल हो चुका है। NIA ने जुलाई 2026 में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उसे आरोपी बनाया। एजेंसी के मुताबिक उसे व्यक्तिगत रूप से और प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन TRF के प्रमुख के तौर पर चार्जशीट किया गया है।
NIA की चार्जशीट में सईद को आरोपी नंबर 8 बताया गया है। एजेंसी ने उस पर हमले से जुड़ी व्यापक साजिश में भूमिका का आरोप लगाया है। यह आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
UN में पाकिस्तान के बयान पर भारत का पलटवार
इसी दौरान UN Human Rights Council में कश्मीर और भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणियों पर भारत ने जवाब दिया। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के बयानों का विरोध करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से को खाली करना चाहिए।
त्यागी ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकियों को समर्थन देने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत पर सवाल उठाने के बजाय अपनी आर्थिक और मानवाधिकार संबंधी चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। ये भारत की ओर से UN में दिए गए आधिकारिक बयान के हिस्से थे।
कश्मीरी पंडितों के पलायन का भी मुद्दा उठा
भारत की ओर से कश्मीर में आतंकवाद के पुराने दौर का जिक्र करते हुए कहा गया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की गतिविधियों के कारण कश्मीरी पंडितों को अपने घर छोड़ने पड़े। भारत ने पाकिस्तान पर आतंकियों को हथियार और प्रशिक्षण देने के आरोप लगाए।
त्यागी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उनके बयान में हिंदू, सिख और ईसाई समुदायों के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह, ईशनिंदा कानून तथा शिया, अहमदिया, इस्माइली और हजारा समुदायों से जुड़े भेदभाव के आरोपों का उल्लेख किया गया।
लश्कर-ए-तैयबा पर UN का रिकॉर्ड क्या कहता है?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रिकॉर्ड में लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान स्थित संगठन बताया गया है। UN के अनुसार संगठन ने 1993 के बाद कई सैन्य और नागरिक ठिकानों पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया और उसे 2008 के मुंबई हमलों समेत कई हमलों से जोड़ा गया है।
UN रिकॉर्ड के मुताबिक हाफिज सईद को दिसंबर 2008 में प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया था। उस पर संपत्ति फ्रीज, यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध जैसे प्रतिबंध लागू किए गए।
पाकिस्तान में हाफिज सईद की स्थिति
संयुक्त राष्ट्र के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार हाफिज सईद पाकिस्तान की हिरासत में 78 साल की सजा काट रहा है। रिकॉर्ड में कहा गया है कि फरवरी 2020 से वह सात आतंकवाद वित्तपोषण मामलों में दोषसिद्धि के बाद यह सजा भुगत रहा है।
UN में शहबाज शरीफ से पूछे गए सवाल इसी पृष्ठभूमि में सामने आए हैं। हालांकि, UN मुख्यालय के बाहर पूछे गए सवालों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया गया।