कॉकपिट में खूनी जंग! घायल होकर भी डटे रहे भारतीय पायलट, चाकू के जख्म सहकर टाला 9/11 जैसा हमला
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। घायल पायलट और यात्रियों की कार्रवाई के बाद विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया।

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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 में बुधवार को उड़ान के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। विमान के कॉकपिट में मौजूद ओमानी मूल के को-पायलट ने कथित तौर पर पेन नाइफ से कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उसने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने स्थिति संभालने की कोशिश जारी रखी और आखिरकार विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
उड़ान के बीच अचानक शुरू हुआ हमला
फ्लाइट ने सुबह करीब 7:35 बजे दुबई से उड़ान भरी थी। करीब ढाई घंटे बाद, जब विमान जॉर्डन के एयरस्पेस में था, तब कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ने कथित तौर पर छोटा चाकू निकालकर कैप्टन पर हमला कर दिया।
हमले में कैप्टन घायल हो गए। इसी दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज हुई। रिपोर्ट के मुताबिक करीब दो मिनट में विमान 17 हजार फीट नीचे आ गया। कॉकपिट से आ रही आवाजों के बाद यात्रियों और क्रू को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ।
यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को पकड़ा
स्थिति बिगड़ने के बाद विमान में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और यात्रियों ने कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली खुफिया एजेंसी शिनबेत से जुड़े एजेंट भी विमान में एयर मार्शल के तौर पर मौजूद थे।
उन्होंने यात्रियों के साथ मिलकर कथित हमलावर को काबू किया। इसके बाद उसे बांध दिया गया। इस दौरान दोनों पायलटों के घायल होने के कारण विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाली।
सऊदी अरब में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
विमान जॉर्डन के एयरस्पेस से निकलकर सऊदी अरब की ओर बढ़ा। सुरक्षा को देखते हुए इजराइल की ओर से लड़ाकू विमानों को भी एस्कॉर्ट के लिए भेजे जाने की बात सामने आई है।
इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर करीब 11:31 बजे सुरक्षित उतारा गया। कथित हमलावर को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया।
कैप्टन स्मित मछार के अनुभव ने निभाई अहम भूमिका
कैप्टन स्मित मछार भारतीय मूल के पायलट बताए जा रहे हैं। फ्लाईदुबई से पहले वे करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार उनके पास 9,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। इनमें 6,400 घंटे से अधिक समय पायलट-इन-कमांड के तौर पर बिताया है। विमान में संकट की स्थिति के दौरान उनका अनुभव बेहद महत्वपूर्ण रहा।
इजराइली पीएम ने 9/11 से की तुलना
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को अमेरिका के 9/11 हमले से जोड़ते हुए दावा किया कि को-पायलट विमान को हाईजैक कर इजराइल में उसी तरह का हमला करने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि, इस दावे के पीछे की पूरी जांच और कथित हमलावर की मंशा के बारे में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।
9/11 में विमानों को बनाया गया था हथियार
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार कमर्शियल विमानों का अपहरण किया था। दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों से टकराया गया, जबकि तीसरे विमान को पेंटागन की ओर ले जाया गया।
चौथे विमान के यात्रियों ने अपहरणकर्ताओं के खिलाफ प्रतिरोध किया था। यह विमान पेन्सिलवेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। 9/11 हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी।
फ्लाईदुबई की इस घटना में विमान को समय रहते नियंत्रित कर सुरक्षित उतार लिया गया। घटना की पूरी परिस्थितियों, हमले के मकसद और को-पायलट की भूमिका की जांच अब संबंधित एजेंसियों के सामने है।