‘जेल में जहर दिया गया होगा...’ संजय राउत का चौंकाने वाला दावा, राहुल गांधी की सलाह पर कराएंगे टॉक्सिकॉलजी टेस्ट
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि जेल में रहने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के पीछे किसी जहरीले पदार्थ का असर हो सकता है। राउत के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी से इस बारे में बातचीत की थी, जिसके बाद उन्हें टॉक्सिकॉलजी टेस्ट कराने की सलाह दी गई। हालांकि, जहर दिए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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जेल से बाहर आने के बाद लगातार बिगड़ती सेहत को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एक गंभीर आशंका जताई है। उनका दावा है कि जेल में रहने के दौरान उन्हें जहर दिया गया हो सकता है।
राउत ने अपनी इस आशंका को राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत से भी जोड़ा है। उनके मुताबिक, करीब 10 दिन पहले दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी साझा की। इसके बाद राहुल गांधी ने उन्हें शरीर में किसी जहरीले तत्व की मौजूदगी की जांच कराने की सलाह दी।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि राउत के जहर दिए जाने के दावे की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जेल के दौरान शुरू हुई तबीयत खराब होने की बात
संजय राउत के मुताबिक, उनकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां जेल में रहने के दौरान ही शुरू हो गई थीं। जेल से बाहर आने के बाद भी उन्हें लगातार स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने आशंका जताई कि कहीं उनकी तबीयत खराब होने के पीछे किसी जहरीले पदार्थ का असर तो नहीं था।
उन्होंने कहा कि इस आशंका को सिर्फ बयान तक सीमित रखने के बजाय मेडिकल जांच के जरिए इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
राहुल गांधी से मुलाकात में क्या हुई बातचीत?
राउत के अनुसार दिल्ली में राहुल गांधी ने उनकी तबीयत के बारे में पूछा था। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनकी सेहत जेल में रहने के समय से खराब होने लगी थी।
राउत का दावा है कि यह सुनकर राहुल गांधी ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही और टॉक्सिकॉलजी टेस्ट कराने की सलाह दी।
इस तरह की जांच का उद्देश्य शरीर में किसी संभावित जहरीले या हानिकारक रासायनिक पदार्थ के मौजूद होने के संकेत तलाशना होता है।
‘मैं अकेला नहीं हूं...’
राउत ने अपने दावे को दूसरे जेल से बाहर आए लोगों की सेहत से भी जोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि वह अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं, जिनकी जेल से बाहर आने के बाद तबीयत खराब हुई है। उनके मुताबिक कुछ अन्य नेताओं ने भी जेल से बाहर आने के बाद स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना किया है।
हालांकि, उन्होंने जिन मामलों का जिक्र किया, उनके बीच किसी जहरीले पदार्थ का संबंध साबित होने की जानकारी फिलहाल सामने नहीं है।
खाने में कुछ मिलाए जाने की जताई आशंका
संजय राउत ने जेल में बंद लोगों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ मामलों में कैदियों के खाने में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
लेकिन यह फिलहाल उनकी आशंका और आरोप हैं। इसे साबित करने के लिए मेडिकल रिपोर्ट, टॉक्सिकॉलजी जांच या किसी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष जरूरी होंगे।
अब मेडिकल टेस्ट से खुलेगा सच?
राउत के मुताबिक राहुल गांधी से बातचीत के बाद वह जल्द ही विशेष मेडिकल जांच कराने की तैयारी में हैं।
अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि अगर टॉक्सिकॉलजी टेस्ट कराया जाता है तो उसकी रिपोर्ट क्या सामने आती है। क्या शरीर में किसी जहरीले तत्व के संकेत मिलते हैं या उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के पीछे कोई दूसरा चिकित्सकीय कारण है—इसका जवाब मेडिकल जांच के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल जहर दिए जाने का दावा राजनीतिक बयान और आशंका के स्तर पर है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
