राघव चड्ढा के बाद धर्मवीर गांधी का नाम भी वोटर लिस्ट से गायब होने का दावा, प्रशासन ने बताया- खबर बेबुनियाद
पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर उठे विवाद में नया मोड़ आ गया है। पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के नाम मतदाता सूची से गायब होने की खबरों के बाद प्रशासन ने इसे गलत बताया है। प्रशासन के मुताबिक 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में डॉ. गांधी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज हैं। इससे पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी अपनी एंट्री को लेकर सवाल उठाए थे।

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पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम ‘शिफ्टेड’ दिखने का मुद्दा उठाया और अब पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के नाम को लेकर भी विवाद सामने आया। हालांकि, धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के नाम वोटर लिस्ट से हटने की खबर को प्रशासन ने खारिज कर दिया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में सांसद और उनके परिवार के सदस्यों के नाम बाकायदा दर्ज हैं।
धर्मवीर गांधी के नाम पर क्या था विवाद?
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि SIR के बाद पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं मिले। इसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया।
रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि गांधी ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए अपने दस्तावेज जमा किए हैं। लेकिन अब प्रशासन के स्पष्टीकरण के बाद इस पूरे दावे की तस्वीर बदल गई है।
प्रशासन ने बताया- नाम सूची में मौजूद
प्रशासन के मुताबिक डॉ. धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के नाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 115-पटियाला के भाग संख्या 98 में दर्ज हैं।
ड्राफ्ट सूची में परिवार के सदस्यों की एंट्री क्रम संख्या 44 से 48 तक बताई गई है। इनमें उनकी पत्नी जगदंबा कौशल, बेटी रोहानी पराशर, पुत्रवधू चाहत साहूजा, बेटे नबेंदू और खुद डॉ. धर्मवीर गांधी शामिल हैं।
यानी प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार सांसद और उनके परिवार का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मौजूद है।
राघव चड्ढा के मामले से जुड़ा राजनीतिक विवाद
धर्मवीर गांधी का मामला ऐसे समय सामने आया जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए थे।
चड्ढा ने कहा था कि उनका वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है, लेकिन ड्राफ्ट सूची में उनकी स्थिति ‘शिफ्टेड’ दिखाई गई। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले से जोड़ते हुए सवाल उठाए थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अभी यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया में सुधार संभव है।
SIR के बीच प्रशासन की मीडिया से अपील
धर्मवीर गांधी से जुड़े विवाद पर स्पष्टीकरण देते हुए प्रशासन ने मीडिया से अपील की है कि SIR से संबंधित किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी पुष्टि की जाए।
प्रशासन ने कहा कि डॉ. गांधी और उनके परिवार के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल हैं और उनके नाम गायब होने की खबर तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
अभी ड्राफ्ट सूची है, अंतिम सूची नहीं
मतदाता सूची को लेकर चल रही प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। ड्राफ्ट सूची में किसी नाम को लेकर आपत्ति या सुधार की जरूरत होने पर निर्धारित अवधि में दावा और दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं।
इसलिए SIR के दौरान किसी नाम की स्थिति को लेकर सामने आने वाली जानकारी को अंतिम मानने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है। धर्मवीर गांधी के मामले में भी प्रशासन के ताजा स्पष्टीकरण ने यही साफ किया है कि उनके और परिवार के नाम ड्राफ्ट सूची में मौजूद हैं।
