सैफ पर हमला करने वाले ने कोर्ट में कबूला गुनाह, फिर मांगी नरमी; पीठ में धंसे चाकू के टुकड़े ने बचाई जिंदगी?
सैफ अली खान पर जनवरी 2025 में हुए हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने अदालत में अपराध स्वीकार करने की अर्जी दाखिल की है। आरोपी ने कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की है। मामले में अभियोजन से जवाब मांगा गया है और अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

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मुंबई की उस रात को करीब आठ महीने बीत चुके हैं, जब बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के घर में घुसकर उन पर चाकू से हमला किया गया था। मामला अब अदालत में आगे बढ़ चुका है और इसी बीच आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने केस को फिर चर्चा में ला दिया है।
आरोपी ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार करने की अर्जी दाखिल की है। साथ ही उसने कोर्ट से अपने प्रति नरमी बरतने की अपील भी की है। उसके वकील विपुल दुशिंग ने इसकी पुष्टि की है। अदालत ने अभियोजन पक्ष से इस अर्जी पर जवाब मांगा है और मामले की सुनवाई 11 सितंबर तक टाल दी है।
आरोपी ने खुद कबूलनामे की अर्जी क्यों दी?
मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने अदालत के सामने अपना अपराध स्वीकार करने की इच्छा जताई है। हालांकि, उसकी अर्जी पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि आरोपी की अर्जी पर किस प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा जाए।
यानी फिलहाल आरोपी का अपराध स्वीकार करने का अनुरोध सामने आया है, लेकिन इसे अदालत की ओर से दोष सिद्ध होने के अंतिम फैसले के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
उस रात सैफ के घर में आखिर हुआ क्या था?
16 जनवरी 2025 की देर रात एक व्यक्ति कथित तौर पर चोरी की नीयत से सैफ अली खान के घर में दाखिल हुआ था। घर के भीतर उसका सामना परिवार और स्टाफ से हुआ।
इसी दौरान सैफ और आरोपी के बीच हाथापाई हुई और आरोपी ने उन पर चाकू से कई वार किए। हमले में सैफ गंभीर रूप से घायल हुए थे।
घटना के दो दिन बाद पुलिस ने मोहम्मद शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में है।
सैफ की पीठ में रह गया था चाकू का टुकड़ा
हमले के बाद सैफ ने अपने अनुभव के बारे में बताया था कि आरोपी ने उन पर पूरी ताकत से चाकू से वार किया था।
सैफ के मुताबिक, चाकू का करीब 6 इंच लंबा हिस्सा उनकी पीठ में ही फंस गया था। यह टुकड़ा रीढ़ की हड्डी के बेहद करीब पहुंच गया था।
उन्होंने बताया था कि उस समय उनका एक पैर सुन्न पड़ने लगा था और उन्हें डर था कि कहीं वह पैरालाइज न हो जाएं।
यही वजह थी कि घटना के बाद उनकी हालत को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी।
हमले के बीच बेटे तैमूर ने पूछा था- क्या आप मरने वाले हैं?
सैफ ने घटना को याद करते हुए बताया था कि हमले के बाद उन्होंने अपने बेटे तैमूर से बात की थी।
सैफ के मुताबिक, उन्होंने तैमूर से पूछा था कि क्या वह उनके साथ अस्पताल चलेगा। इस पर तैमूर ने उनसे पूछा था, “क्या आप मरने वाले हैं?”
सैफ ने उसे भरोसा दिलाया कि वह ठीक हो जाएंगे। इसके बाद तैमूर उनके साथ अस्पताल जाने के लिए तैयार हुआ।
इस घटना का यह हिस्सा सैफ के लिए भी बेहद भावुक करने वाला था, क्योंकि एक तरफ वह खुद गंभीर रूप से घायल थे और दूसरी तरफ बच्चे के सामने खुद को मजबूत रखने की कोशिश कर रहे थे।
सैफ ने कहा था- मैं उसे माफ करना चाहता हूं
हमले के बाद सैफ ने आरोपी को लेकर एक अलग तरह की बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि वह उसे माफ करना चाहते हैं।
सैफ के मुताबिक, उन्हें लगता है कि आरोपी ने बहुत बड़ी गलती की थी। हालांकि जिस तरह हमला किया गया, उसे भूलना उनके लिए आसान नहीं था।
उन्होंने इस घटना को अमीर और गरीब के बीच असमानता से भी जोड़कर देखा था और कहा था कि वह आरोपी को माफ करना चाहते हैं, लेकिन हमले की गंभीरता को भुला पाना मुश्किल है।
अब अदालत में तय होगी आगे की राह
मामले में इस महीने की शुरुआत में एडिशनल सेशंस जज जीपी देशमुख ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे। इसके साथ ही केस में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ।
आरोपी पर घातक हथियार के इस्तेमाल से लूट, गंभीर चोट पहुंचाने और घर में जबरन घुसने समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोप हैं।
उस पर फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट से जुड़े प्रावधानों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी बांग्लादेशी नागरिक है और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में रह रहा था।
अब उसकी अपराध स्वीकार करने की अर्जी पर अभियोजन का जवाब और अदालत का अगला रुख इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।


