रोहतक में BJP नेत्री के पति की मौत के बाद 10 पर FIR, सुसाइड नोट में 3 लोगों पर गंभीर आरोप
रोहतक में भाजपा नेत्री दीपिका नारा के पति और वकील प्रदीप नारा की मौत के बाद पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिवार का आरोप है कि कारोबार से जुड़े करोड़ों रुपए के भुगतान विवाद और मध्य प्रदेश में हुए कथित हमले ने प्रदीप को मानसिक दबाव में डाल दिया था।

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हरियाणा के रोहतक में भाजपा नेत्री दीपिका नारा के पति प्रदीप नारा की मौत का मामला अब पुलिस जांच के घेरे में है। 30 सितंबर को अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर कार में प्रदीप ने खुद को गोली मार ली थी। घटना के बाद परिवार ने इसे सामान्य आत्महत्या नहीं मानते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। अब सामने आए कथित सुसाइड नोट और पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने परिवार से जुड़े 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
सुसाइड नोट में तीन लोगों को ठहराया जिम्मेदार
पुलिस के अनुसार प्रदीप के कथित सुसाइड नोट में महेंद्र सिंह, रोहित और महिपाल सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। नोट में कारोबार से जुड़े करीब 2.88 करोड़ रुपए के भुगतान का जिक्र है।
नोट में आरोप लगाया गया है कि भुगतान मांगने के बाद दिसंबर 2025 में मध्य प्रदेश के उमरिया में होटल से प्रदीप को जबरन ले जाया गया और जान से मारने की कोशिश की गई। इसमें यह भी लिखा है कि बाद में कटनी स्थित प्लॉट को लेकर विवाद खड़ा किया गया और भुगतान के लिए दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।
परिवार का दावा- 32 करोड़ रुपए के चेक अटके थे
प्रदीप के पिता देवेंद्र नारा ने आरोप लगाया कि आरोपियों की ओर से दिए गए चेक की कुल रकम करीब 32 करोड़ 8 लाख रुपए थी। इनमें पीके कंस्ट्रक्शन से जुड़े करीब 17.70 करोड़ और 14.38 करोड़ रुपए के चेक शामिल होने की बात कही गई है।
पिता के मुताबिक छोटी रकम का एक चेक 25 सितंबर को क्लीयर हो गया, लेकिन बड़ी रकम के चेक बैंक में लगाए जाने पर खाते में पर्याप्त पैसा नहीं मिला। 28 सितंबर को दोबारा चेक लगाए गए तो भुगतान रुकवा दिया गया और चेक बाउंस हो गए।
परिवार का कहना है कि इसी मामले में कोर्ट जाने के लिए प्रदीप वकील को दस्तावेज देने गए थे।
उमरिया की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप
देवेंद्र नारा के मुताबिक 17 दिसंबर 2025 को प्रदीप मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित एक होटल में रुके थे। आरोप है कि रोहित समेत कुछ लोग वहां पहुंचे और उन्हें जबरन अपने साथ ले गए।
परिवार का दावा है कि प्रदीप के साथ मारपीट की गई और उन्हें गंभीर हालत में जंगल में छोड़ दिया गया। पिता के अनुसार करीब चार घंटे बाद प्रदीप को होश आया और वे घायल अवस्था में वहां से निकले।
इस घटना के बाद 2 जनवरी 2026 को शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी गई थी। परिवार के मुताबिक पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर मामला उमरिया जिले को भेज दिया था। अब परिवार का आरोप है कि उस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
मौत के बाद ही दर्ज हुई 10 लोगों पर FIR
प्रदीप की मौत के बाद उनके पिता देवेंद्र नारा ने पुलिस में शिकायत दी। इसी शिकायत और कथित सुसाइड नोट के आधार पर आर्य नगर थाना पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
FIR में रोहित नारा, महेंद्र नारा उर्फ महेंद्र सिंह, हर्ष नारा, दीपक नारा, अजय नारा, अभिमन्यु नारा, महिपाल नारा उर्फ महिपाल सिंह, महाबीर सहावत, सविन्द्र और आशीष पांडेय के नाम शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार ने पहले ही हत्या की आशंका जताई थी
30 सितंबर की शाम प्रदीप अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर अपनी सफेद स्कॉर्पियो में मृत मिले थे। पुलिस के अनुसार उन्होंने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारी थी।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने इसे हत्या बताते हुए जांच की मांग की थी। साथ ही कारोबार में करोड़ों रुपए के लेन-देन और कथित दबाव का मुद्दा उठाया था।
अब सुसाइड नोट सामने आने के बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि नोट में लगाए गए आरोपों, पुराने उमरिया मामले, कारोबारी भुगतान विवाद और प्रदीप की मौत के बीच क्या संबंध है।
पुलिस बोली- जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
आर्य नगर थाना प्रभारी सुशील कुमार के मुताबिक परिजनों की शिकायत पर 10 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस अब सुसाइड नोट, शिकायत, कारोबारी दस्तावेज, चेक और मध्य प्रदेश में दर्ज जीरो FIR से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी। आरोपों की पुष्टि और किसी व्यक्ति की भूमिका तय होना जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।



