
इमरान खान से मिलने नहीं दिया तो ‘पूरा पाकिस्तान D-Chowk’ बनाने की धमकी, सुप्रीम कोर्ट के बाहर PTI का शक्ति प्रदर्शन
पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई, मुलाकात और स्वास्थ्य को लेकर PTI ने फिर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार को चेतावनी दी कि जेल में बंद इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं मिली तो देशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।

Audio tools for this article
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर सड़क और अदालत के बीच आ खड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के बाहर PTI नेताओं और समर्थकों के प्रदर्शन ने राजधानी का माहौल गर्म कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को परिवार, वकीलों और राजनीतिक साथियों से पर्याप्त मुलाकात नहीं दी जा रही। इसी मुद्दे को लेकर PTI ने सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं बदले तो विरोध सिर्फ इस्लामाबाद तक सीमित नहीं रहेगा।
इमरान से मुलाकात बना सबसे बड़ा मुद्दा
PTI की सबसे बड़ी मांग फिलहाल इमरान खान तक नियमित पहुंच को लेकर है। पार्टी का कहना है कि उनके डॉक्टर, वकील, परिवार और राजनीतिक सहयोगी लंबे समय से मुलाकात में बाधाओं का सामना कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के बाहर पहले भी PTI सांसदों और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया था और शीर्ष अदालत ने उनकी चिंताएं संबंधित कार्यपालिका तक पहुंचाने की बात कही थी।
सोहेल अफरीदी की चेतावनी—अब सड़क का रास्ता बचा है
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने हाल के दिनों में PTI के आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि अदालत, संसद और प्रशासनिक स्तर पर रास्ते आजमाने के बाद पार्टी अब व्यापक सड़क आंदोलन की ओर बढ़ रही है। 10 अगस्त को उन्होंने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लंबा मार्च करने की घोषणा भी की और दावा किया कि PTI तथा उसके सहयोगी इस फैसले के साथ हैं।
‘D-Chowk’ सिर्फ जगह नहीं, पाकिस्तान की राजनीति का प्रतीक
इस्लामाबाद का D-Chowk पाकिस्तान में बड़े राजनीतिक आंदोलनों का पुराना केंद्र रहा है। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद PTI समर्थकों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की कई घटनाएं इसी इलाके के आसपास हुई हैं। इसलिए जब PTI नेता ‘पूरा पाकिस्तान D-Chowk’ बनाने जैसी भाषा इस्तेमाल करते हैं, तो उसका अर्थ सरकार पर देशव्यापी जनदबाव खड़ा करने की चेतावनी के रूप में देखा जाता है।
स्वास्थ्य को लेकर भी पार्टी की चिंता कायम
इमरान खान की सेहत भी PTI के आंदोलन का बड़ा हिस्सा बनी हुई है। फरवरी में उनकी आंखों की गंभीर समस्या को लेकर विपक्षी दलों ने कई दिन तक धरना दिया था और निजी डॉक्टरों की पहुंच की मांग की थी। बाद में सरकार ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर विचार किया, लेकिन PTI ने परिवार और निजी चिकित्सकों को प्रक्रिया में शामिल करने की मांग रखी।
सरकार और PTI के बीच भरोसा लगभग खत्म
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है, जिन्हें PTI राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताती है। दूसरी ओर सरकार और उसके समर्थक कहते हैं कि अदालतों में चल रहे मामलों का फैसला कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए। यही टकराव अब अदालत के बाहर प्रदर्शन, संसद में विरोध और सड़क आंदोलन की तैयारी तक पहुंच गया है।
अब नजर गुरुवार और आगे की रणनीति पर
PTI की अगली रणनीति इस बात पर निर्भर करेगी कि इमरान खान से मुलाकात की अनुमति मिलती है या नहीं और सरकार उनकी स्वास्थ्य व कानूनी पहुंच को लेकर क्या कदम उठाती है। फिलहाल पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह आंदोलन को पीछे खींचने के मूड में नहीं है, जबकि इस्लामाबाद प्रशासन किसी बड़े जमावड़े को लेकर सतर्क है।




