नेपाल में सैलाब ने मचाई तबाही, 105 भारतीयों समेत सैकड़ों लापता; बिहार-UP में अलर्ट, हेल्पलाइन जारी
नेपाल के रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। 105 भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में राहत-बचाव अभियान जारी है, वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

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नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों की तस्वीर बदल दी है। तिब्बत सीमा से लगे रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में अचानक पानी का सैलाब आया और देखते ही देखते सड़कें, गांव और हाइड्रोपावर परियोजनाएं इसकी चपेट में आ गईं।
हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए नेपाल में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है।
इस आपदा की चिंता अब भारत तक भी पहुंच गई है। नेपाल से आने वाली नदियों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है।
105 भारतीय भी लापता, बढ़ सकती है संख्या
नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक रसुवा और आसपास के इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
लापता लोगों में नेपाली नागरिकों के अलावा विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। इनमें 105 भारतीय नागरिकों के साथ एनआरआई और कई अन्य देशों के नागरिकों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।
टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के भी लापता होने की बात सामने आई है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ में बहा
बाढ़ का असर केवल आबादी वाले इलाकों तक सीमित नहीं रहा। रसुवा में एक प्रमुख हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है।
धाडिंग और नुवाकोट में भी जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई जगह सड़क संपर्क टूटने से राहत टीमों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
14 हेलीकॉप्टरों से चल रहा रेस्क्यू
नेपाल सरकार ने बचाव अभियान के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। हालांकि, कुछ प्रभावित इलाकों में हेलीपैड और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
लापता लोगों की तलाश के साथ फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने आपातकालीन सहायता के लिए 1234, 1144 और 9851289445 नंबर जारी किए हैं।
भारतीयों की मदद के लिए दूतावास ने नंबर जारी किए
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने भी इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी की है।
भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।
बारिश कम, फिर इतनी बड़ी बाढ़ कैसे आई?
इस घटना ने मौसम और आपदा विशेषज्ञों के सामने भी बड़ा सवाल खड़ा किया है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार रसुवा क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में बहुत अधिक बारिश दर्ज नहीं हुई थी। ऐसे में शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि ऊपरी हिमालयी क्षेत्र में किसी ग्लेशियल झील के फटने या अचानक पानी छोड़े जाने से फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी हो सकती है।
हालांकि बाढ़ की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट
नेपाल से आने वाले जलप्रवाह का असर बिहार तक पहुंचने की आशंका है। त्रिशूली और गंडक कैचमेंट क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद बिहार प्रशासन ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने निचले इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
NDRF-SDRF अलर्ट, बैराज के गेट खोले गए
बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF तथा SDRF की टीमें तैनात या स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
जिला प्रशासन को राहत शिविर और कम्युनिटी किचन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक बैराज के फाटकों को खोलने और पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यूपी के चार जिलों में भी बढ़ी निगरानी
नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों में भी प्रशासन सतर्क हो गया है।
महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में रोहिन, गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदियों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है।
योगी बोले- प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों को महाराजगंज और कुशीनगर में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन को जलस्तर पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव अभियान शुरू करने को कहा गया है।
पीएम मोदी ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर बाढ़ से हुए नुकसान पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है।
भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। अब नजर इस बात पर है कि नेपाल में फंसे लोगों को कितनी जल्दी सुरक्षित निकाला जा सकता है और भारत की सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ का असर कितना बढ़ता है।
