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‘कॉकरोच’ के बाद अब ‘कुत्ता जनता पार्टी’! BPSC के बयान पर छात्रों का अनोखा विरोध, सोशल मीडिया पर छाया KJP
BPSC अधिकारी की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम से छात्रों का विरोध चर्चा में है।lokswami Graphics
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‘कॉकरोच’ के बाद अब ‘कुत्ता जनता पार्टी’! BPSC के बयान पर छात्रों का अनोखा विरोध, सोशल मीडिया पर छाया KJP

Digital News Desk3 min read26/08/26

BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी के बाद छात्रों के विरोध का नया तरीका सामने आया है। सोशल मीडिया पर ‘कुत्ता जनता पार्टी’ यानी KJP के नाम से पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे हैं। छात्र इस नाम के जरिए अधिकारी की कथित टिप्पणी पर अपना विरोध जता रहे हैं।

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बिहार में BPSC को लेकर चल रहा विवाद अब विरोध के एक अनोखे अंदाज तक पहुंच गया है। पहले सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसे नामों से विरोध देखने को मिला और अब ‘कुत्ता जनता पार्टी’ यानी KJP की चर्चा शुरू हो गई है।

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें लोग हाथों में ‘कुत्ता जनता पार्टी जिंदाबाद’ लिखे बैनर लिए नजर आ रहे हैं। मामला BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी से जुड़ा है।

छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को लेकर अधिकारी की टिप्पणी अपमानजनक थी। इसी के विरोध में छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम को अपना नया डिजिटल हथियार बना लिया।

एक कहावत ने बढ़ा दिया विवाद

पूरा मामला BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर सवाल पूछा गया था।

अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा में PT और मेन परीक्षा की व्यवस्था को लेकर विरोध कर रहे हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि नई व्यवस्था से हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को नुकसान हो सकता है।

इसी दौरान अधिकारी ने प्रदर्शन और आयोग के फैसले पर सवालों के जवाब में कहा कि जिन्हें आपत्ति है, वे कोर्ट क्यों नहीं जाते। इसके बाद उन्होंने एक कहावत का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा- ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।’

यही लाइन बाद में विवाद की वजह बन गई।

छात्रों ने कहा- हमारी तुलना कुत्तों से की गई

अधिकारी की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की तुलना कुत्तों से की है।

हालांकि, अधिकारी की ओर से बाद में सफाई दी गई कि उन्होंने सिर्फ एक प्रचलित कहावत का इस्तेमाल किया था और उनकी बात को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

लेकिन तब तक मामला सोशल मीडिया पर काफी आगे बढ़ चुका था।

विरोध का नया तरीका- ‘कुत्ता जनता पार्टी’

छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स ने अधिकारी की टिप्पणी के जवाब में ‘कुत्ता जनता पार्टी’ नाम से पोस्ट, वीडियो और बैनर शेयर करना शुरू कर दिया।

यही वजह है कि KJP यानी ‘कुत्ता जनता पार्टी’ अचानक सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई है।

यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि BPSC विवाद के बीच छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा विरोध का एक प्रतीकात्मक तरीका नजर आ रहा है।

‘फाउंडर’ कौन है?

‘कुत्ता जनता पार्टी’ के नाम से सोशल मीडिया पर पोस्ट और प्रदर्शन से जुड़े वीडियो सामने आए हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसके किसी औपचारिक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत होने की पुष्टि नहीं है।

इसी वजह से सोशल मीडिया पर जिस ‘फाउंडर’ या संस्थापक की बात हो रही है, उसे किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के अध्यक्ष या संस्थापक के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

फिलहाल यह नाम BPSC विवाद को लेकर छात्रों के डिजिटल विरोध का हिस्सा है।

अधिकारी ने बाद में दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की।

उन्होंने कहा कि उन्होंने एक कहावत का इस्तेमाल किया था और उनके बयान को संदर्भ से अलग करके देखा गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।

यानी अधिकारी ने अपनी टिप्पणी के पीछे किसी विशेष व्यक्ति या समूह को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है।

‘कॉकरोच’ से ‘कुत्ता’ तक पहुंचा सोशल मीडिया का विरोध

BPSC विवाद के बीच ‘कुत्ता जनता पार्टी’ का ट्रेंड सोशल मीडिया पर विरोध के बदलते अंदाज को भी दिखाता है।

पिछले कुछ समय में अलग-अलग मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, ‘E20 जनता पार्टी’ और दूसरे व्यंग्यात्मक नामों से भी पोस्ट और अभियान देखने को मिले हैं।

इनमें से ज्यादातर नाम औपचारिक राजनीतिक दल नहीं हैं, बल्कि किसी मुद्दे पर नाराजगी, व्यंग्य या विरोध जताने के लिए सोशल मीडिया पर बनाए गए नाम हैं।

BPSC के मामले में भी ‘कुत्ता जनता पार्टी’ फिलहाल इसी डिजिटल विरोध का हिस्सा दिखाई देती है। हालांकि, छात्रों की मूल मांगें परीक्षा पैटर्न और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी हैं और इसी मुद्दे को लेकर उनका आंदोलन जारी है।

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