मिलावटी और दूषित भोजन पर सख्त एमपी सरकार, प्रदेश भर के 300 से अधिक बड़े होटलों पर खाद्य विभाग की रेड
मध्य प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का विशेष जांच अभियान 12 से 26 सितंबर तक जारी है। नियंत्रक मनोज पुष्प के आदेश पर अब तक 300 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और क्लबों की जांच हो चुकी है। भोपाल के ताज, रेडिसन, सयाजी, जहाननुमा, इंदौर के मैरियट, शेरेटन और उज्जैन के प्रमुख होटलों से सैंपल लिए गए हैं। मिलावट मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान
मध्य प्रदेश में आमजन के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 12 से 26 सितंबर तक विशेष जांच अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर नियंत्रक मनोज पुष्प ने आदेश जारी किया, जिसके बाद जिला टीमों ने कार्रवाई शुरू कर दी।
अब तक प्रदेश भर में 300 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और क्लबों के किचन व स्टोर की गहन जांच हो चुकी है।
भोपाल, इंदौर और उज्जैन के बड़े होटल जांच के दायरे में
इस कार्रवाई में भोपाल के ताज, रेडिसन, सयाजी और जहाननुमा होटल शामिल रहे। इंदौर में मैरियट और शेरेटन से सैंपल लिए गए। उज्जैन के प्रमुख होटल भी जांच के दायरे में आए। टीमों ने इन प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए।
अभियान में विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाले भोजनालयों और स्विगी-जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता दी गई है।
जांच के साथ स्टाफ को मौके पर प्रशिक्षण
टीमें सिर्फ सैंपल लेकर नहीं लौट रहीं। जांच के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट स्टाफ को शाकाहारी व मांसाहारी भोजन के रखरखाव की मानक प्रक्रियाओं यानी SOP का पालन करने का मौके पर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रतिष्ठानों को बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों में बांटने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
अगला चरण, ढाबों और हाईवे किनारे के प्रतिष्ठान
अभियान के दूसरे चरण में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हाईवे किनारे स्थित बड़े ढाबों के किचन की जांच की जाएगी। विभाग की नज़र अब बड़े शहरों के बाहर के प्रतिष्ठानों पर भी है, जहां जांच का दायरा अक्सर सीमित रहता है।
मिलावट मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
विभाग ने साफ कर दिया है कि जांच के दौरान मिलावट या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा और किचन बंद कराया जाएगा। यह चेतावनी उन प्रतिष्ठानों के लिए है जो जांच अभियान के बावजूद मानकों की अनदेखी करते पाए जाएंगे।