MP Fake Passport Racket: करीब 100 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी, भोपाल से डबरा तक STF की जांच
मध्य प्रदेश में संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। STF की जांच में भोपाल और डबरा के पतों से बड़ी संख्या में संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि करीब 100 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी की रिपोर्ट सामने आई है।

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मध्य प्रदेश में संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) नेटवर्क से जुड़े लोगों, पासपोर्ट आवेदनों में इस्तेमाल पतों और कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच कर रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक करीब 100 लोगों पर गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। जांच का दायरा मध्य प्रदेश से आगे असम और पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है।
भोपाल के एक पते से करीब 40 पासपोर्ट जांच के दायरे में
जांच में भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित अन्ना नगर के एक पते से करीब 40 पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में भी एक ही पते से बड़ी संख्या में पासपोर्ट आवेदन सामने आने के बाद जांच शुरू हुई थी।
अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक भोपाल और डबरा समेत संबंधित मामलों में करीब 60 से 70 से अधिक पासपोर्ट जांच के दायरे में आए हैं। इनकी वास्तविक स्थिति और दस्तावेजों की वैधता की जांच जारी है।
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि संदिग्ध पासपोर्ट बनवाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और निवास से जुड़े दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और पासपोर्ट आवेदन में उनका इस्तेमाल कैसे हुआ।
कुछ मामलों में बांग्लादेशी नागरिकों से संभावित संबंध की भी जांच की जा रही है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले सभी संदिग्ध पासपोर्ट धारकों को विदेशी नागरिक या दोषी मानना उचित नहीं होगा।
दो आरोपी गिरफ्तार, दूसरे राज्यों तक पहुंची जांच
मामले में STF दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनसे पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद करने वालों की भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच असम और पश्चिम बंगाल तक पहुंची है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने वाले लोगों में से कितनों ने विदेश यात्रा की और इन पासपोर्ट का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
पुलिस वेरिफिकेशन की भूमिका भी जांच के घेरे में
एक ही या मिलते-जुलते पतों से बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि आवेदन और पते के सत्यापन के दौरान कहीं लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
