जोधपुर पहुंचे मोहन भागवत, गोटन में छात्रों से करेंगे संवाद; जेन-जी पर संघ का बढ़ता फोकस
RSS प्रमुख मोहन भागवत दो दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे हैं। शनिवार को वे नागौर के गोटन में छात्रों से बातचीत करेंगे, जबकि रविवार को जोधपुर में अलग-अलग संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ संवाद का कार्यक्रम है।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत दो दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंच गए हैं। शुक्रवार रात वे वंदे भारत एक्सप्रेस से जोधपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां संघ के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे संघ कार्यालय हेडगेवार भवन पहुंचे।
भागवत के इस दौरे में छात्रों के साथ संवाद को खास महत्व दिया जा रहा है। शनिवार को वे नागौर जिले के गोटन जाएंगे, जहां लक्ष्मीपत सिंघानिया एजुकेशन इंस्टीट्यूट के वार्षिक उत्सव में विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे।
शाम को जोधपुर लौटने के बाद स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। रविवार को भी उनका छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम रखा गया है।
गोटन में छात्रों के बीच होंगे भागवत
शनिवार सुबह मोहन भागवत जोधपुर से गोटन के लिए रवाना हुए। यहां लक्ष्मीपत सिंघानिया एजुकेशन इंस्टीट्यूट के वार्षिक समारोह में वे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
इसके बाद देर शाम उनके जोधपुर लौटने का कार्यक्रम है। रविवार को जोधपुर के लघु उद्योग भारती भवन में विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ उनका छोटा संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है।
रविवार को ही भागवत जोधपुर से राजसमंद के लिए रवाना होंगे।
जेन-जी पर संघ-भाजपा का बढ़ा ध्यान
भागवत के छात्र संवाद को संघ और भाजपा के युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने की कोशिश से जोड़कर भी देखा जा रहा है। खासकर जेन-जी यानी नई पीढ़ी के युवाओं के मुद्दे अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की चर्चा में ज्यादा दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद संघ प्रमुख ने अलग-अलग मौकों पर जेन-जी और युवा पीढ़ी को लेकर अपनी बात रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवाओं के साथ सीधे संवाद करते रहे हैं।
ऐसे में भागवत का शिक्षण संस्थान में जाकर छात्रों से बातचीत करना केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
Z सिक्योरिटी के बीच जोधपुर पहुंचा काफिला
मोहन भागवत को Z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। यही वजह रही कि उनके जोधपुर पहुंचने से लेकर गोटन रवाना होने तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखाई दिए।
रेलवे स्टेशन पर उनके आगमन के समय सुरक्षा बलों की तैनाती रही। शनिवार सुबह गोटन के लिए रवाना हुए काफिले के साथ भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
पिछले साल भी जोधपुर में हुई थी बड़ी बैठक
मोहन भागवत इससे पहले पिछले साल सितंबर में जोधपुर आए थे। उस दौरान 5 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय समन्वय बैठक आयोजित हुई थी।
इस बैठक में देशभर से संघ से जुड़े 32 संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। अलग-अलग सत्रों में देश की मौजूदा परिस्थितियों और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई थी। संघ प्रमुख और सरकार्यवाह लगभग सभी प्रमुख सत्रों में मौजूद रहे थे।
उस बैठक में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए थे।
2021 में भी चार दिन जोधपुर में रहे थे
जोधपुर के साथ मोहन भागवत का पुराना संगठनात्मक जुड़ाव भी रहा है। इससे पहले सितंबर 2021 में वे चार दिवसीय प्रवास पर जोधपुर आए थे।
इस बार उनका दौरा खास तौर पर छात्रों और युवा संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शनिवार और रविवार के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के साथ होने वाली बातचीत पर संघ से जुड़े लोगों की नजर रहेगी।
