ममदानी के विरोध पर अमेरिकी सिंगर का पलटवार, मोहन भागवत के समर्थन में बोलीं- ‘मोदी-BJP विरोध में हो रहा इवेंट का विरोध’
RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के विरोध के बीच अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने उनका विरोध किया और आरोप लगाया कि कार्यक्रम का विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP विरोधी सोच से प्रेरित है।

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अमेरिका में RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आपत्ति के बाद अब अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन खुलकर सामने आई हैं।
मिलबेन ने ममदानी और कार्यक्रम का विरोध करने वालों पर तीखा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विरोध की असली वजह मोहन भागवत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के प्रति उनकी राजनीतिक सोच है।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन के कार्यक्रम पर क्यों विवाद?
मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। कार्यक्रम को लेकर विरोध की आवाजें सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई।
इसी विवाद के बीच मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कार्यक्रम का बचाव किया।
ममदानी पर मिलबेन का सीधा हमला
मैरी मिलबेन ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी समेत कार्यक्रम का विरोध करने वालों पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी और उनके साथ खड़े लोग मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के विरोधी हैं।
मिलबेन ने यह भी कहा कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन जैसे संस्थान व्यावसायिक नियमों के आधार पर कार्यक्रम तय करते हैं। उनके मुताबिक राजनीतिक विरोध के आधार पर किसी कार्यक्रम को रोकने की कोशिश उचित नहीं है।
‘ये लोग भारतीय राजनीति से प्रेरित’
मिलबेन ने अपने बयान में कार्यक्रम के विरोध को भारतीय राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि विरोध करने वालों की सोच प्रधानमंत्री मोदी और BJP के प्रति राजनीतिक विरोध से प्रभावित है।
उन्होंने समाजवादी विचारधारा पर भी टिप्पणी की और कहा कि ऐसे लोग पूंजीवाद के काम करने के तरीके को नहीं समझते।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
भारत से पहले भी जुड़ चुका है मिलबेन का रिश्ता
मैरी मिलबेन भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी राय रख चुकी हैं।
2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम से पहले उन्होंने वॉशिंगटन की रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग में भारत का राष्ट्रगान गाया था। इसके बाद भी वह भारत और अमेरिका के संबंधों से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करती रही हैं।
अब मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर उनका बयान एक बार फिर चर्चा में है।
विवाद अब सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं
मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल एक आयोजन के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ कार्यक्रम के विरोध की आवाजें हैं, तो दूसरी ओर इसके समर्थन में भी खुलकर बयान सामने आ रहे हैं।
मैरी मिलबेन का ताजा बयान इसी राजनीतिक बहस को और तेज करता दिखाई दे रहा है। अब नजर इस बात पर है कि न्यूयॉर्क में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है और क्या ममदानी या आयोजकों की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया आती है।
