महू में जिलेटिन गोदाम से 300 किलो विस्फोटक चोरी, 375 किलो फ्यूज भी गायब, SIT गठित
इंदौर के महू क्षेत्र के सीतापाट गांव में एक लाइसेंसी जिलेटिन मैगजीन से खिड़की-ग्रिल तोड़कर 300 किलो जिलेटिन और 375 किलो सर्फ फ्यूज चोरी हो गया। पुलिस ने 15 सदस्यीय SIT बनाकर जांच शुरू की है, जिसका नेतृत्व एडिशनल एसपी महू IPS राज कृष्णा कर रहे हैं।

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300 किलो जिलेटिन और 375 मीटर फ्यूज की चोरी
इंदौर जिले के महू सैन्य छावनी के पास बड़गोंदा थाना अंतर्गत सीतापाट गांव में एक विस्फोटक गोदाम से बड़ी चोरी सामने आई है। यह मैगजीन कांतिलाल पाटीदार के नाम पर 2014 से लाइसेंस के तहत एक निजी कंपनी द्वारा संचालित हो रही थी। 6 और 7 सितंबर की दरमियानी रात अज्ञात बदमाशों ने खिड़की की ग्रिल तोड़कर मैगजीन में रखे 12 बॉक्स चुरा लिए, जिनमें कुल 300 किलो जिलेटिन स्टिक थीं। इसके अलावा 375 मीटर लंबा डेटोनेटिंग फ्यूज का एक रोल भी चोरी हुआ, जिसका इस्तेमाल दूर से विस्फोट कराने में होता है।
मुख्य मार्ग से डेढ़ किमी दूर, घने जंगल में गोदाम
जिस मैगजीन को निशाना बनाया गया, वो मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच स्थित है। गांव की आबादी से दूर करीब एक बीघा क्षेत्र में विस्फोटक रखने के लिए करीब 300 वर्गफीट का पक्का गोदाम बना है। गोदाम से करीब 100 मीटर दूर एक गेट है, जहां प्रवेश प्रतिबंधित है और खतरे का निशान भी लगा हुआ है।
15 सदस्यीय SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी महू, IPS राज कृष्णा कर रहे हैं। टीम में SDOP महू, संबंधित थाना प्रभारी और कांस्टेबल स्तर तक कुल 15 सदस्य शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक टीम लगातार सर्चिंग में जुटी है और सूचनाओं का संकलन किया जा रहा है।
मैगजीन के पास मिला कुछ सामान
जांच के दौरान मैगजीन के पास झाड़ियों में एक बॉक्स और दो फ्यूज सरफेस बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। बाकी चोरी के सामान की तलाश जारी है।
पुलिस का बयान
ग्रामीण डीएसपी उमाकांत चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि सूचना मिलते ही जांच तेज कर दी गई और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SIT का गठन किया गया है।
विस्फोटक का इस्तेमाल कहां होता है
पुलिस के अनुसार यह जिलेटिन विस्फोटक टनल, कुआं खुदाई और बोरिंग जैसे कामों में इस्तेमाल होता है और इसे लाइसेंसधारकों को ही ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जारी किया जाता है। लाइसेंस वाले गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
